बता दें, पूजा ने इमोशनल होते हुए कहा कि उनकी पीढ़ी ये मानकर बड़ी हुई कि मेहनत और पढ़ाई से बंगाल में ही अपनी जगह बन जाएगी, लेकिन वो वादा कहीं न कहीं टूट गया। ज्यादा डिग्रियां हैं, ज्यादा ग्रेजुएट हैं, लेकिन उनके लिए पर्याप्त नौकरियां नहीं हैं। दरअसल, उन्होंने याद दिलाया कि ये वही धरती है जिसने रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और सत्यजीत रे जैसी महान विभूतियां दी हैं और प्रतिभा में कभी बंगाल कमजोरी नहीं रही, लेकिन उस प्रतिभा को यहीं फलने-फूलने का अवसर नहीं दिया गया।