
फेमस शायर मुनव्वर राना का दिल का दौड़ा पड़ने से निधन
Munawwar Rana Profile: "किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई, मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई।" इस खूबसूरत शायरी को लिखने वाले मशहूर शायर मुनव्वर राणा का रविवार देर रात 71 साल की उम्र में निधन हो गया है। दिल का दौड़ा पडने के बाद उनको लखनऊ के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। ऐसे में हम आपको उनके 15 बड़े शेर बताएंगे। जिससे वह आज भी अपने फैंस के दिलों पर राज करते हैं...
1. आपको चेहरे से भी बीमार होना चाहिए,
इश्क है तो इश्क का इजहार होना चाहिए।
2. किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई,
मैं घर में सबसे छोटा था मेरी हिस्से में मां आई।
3. सिरफिरे लोग हमें दुश्मन-ए-जां कहते हैं,
हम तो इस मुल्क की मिट्टी को भी मां कहते हैं।
4. किसी भी मोड़ पर तुमसे वफादारी नहीं होगी,
हमें मालूम है तुमको यह बीमारी नहीं होगी।
5. भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है,
मोहब्बत करने वाला इस लिए बरबाद रहता है।
6. कभी खुशी से खुशी की तरफ नहीं देखा,
तुम्हारे बाद किसी की तरफ नहीं देखा।
7. मिट्टी में मिला दे कि जुदा हो नहीं सकता,
अब इस से ज्यादा मैं तेरा हो नहीं सकता।
8. उस पेड़ से किसी को शिकायत न थी मगर
ये पेड़ सिर्फ बीच में आने से कट गया
9. तुम्हे भी नींद सी आने लगी है थक गए हम भी,
चलो हम आज ये किस्सा अधूरा छोड़ देते हैं।
10. सियासी आदमी की शक्ल तो प्यारी निकलती है,
मगर जब गुप्तगू करता है चिंगारी निकलती है।
11. अपनी फजा से अपने जमानों से कट गया,
पत्थर खुदा हुआ तो चट्टानों से कट गया
12. झुक के मिलते हैं बुजुर्गों से हमारे बच्चे,
फूल पर बाग की मिट्टी का असर होता है।
13. हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं,
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं
14. वो बिछड़ कर भी कहाँ मुझ से जुदा होता है,
रेत पर ओस से इक नाम लिखा होता है
15. नये कमरों में अब चीजें पुरानी कौन रखता है,
परिंदों के लिए शहरों में पानी कौन रखता है।
बता दें, उर्दू के शायर मुनव्वर राणा ने रविवार 14 जनवरी को लखनऊ में आखिरी सांस ली है। लंबे समय से वह बीमार चल रहे थे। प्रसिद्ध शायर पहले से ही गुर्दे की बीमारी, शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे।
Updated on:
15 Jan 2024 01:19 am
Published on:
15 Jan 2024 01:17 am
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