
महात्मा गाँधी को देख भारत की स्वतंत्रता का इतिहास फिर जीवंत हो उठा।

संर्पूर्ण नाटक महात्मा गांधी वर रामचंद्र के संवादों और घटनाओं के मंचन पर आधारित रहा।

एक के बाद एक इतिहास के पन्ने खुलते चले गए और वर्तमान युग में इतिहास की परछाई फिर से चमक उठी।

कलाकारों नें गांधीजी के साथ स्वतंत्रता की लड़ाई में साथ देने वाले देशभक्तो की याद दिलाई।

कार्यक्रम में गांधीजी के द्वारा किया गया संघर्ष साफ झलक रहा था।

कलात्मक तरीके से प्रस्तुत इस नाटक में दर्शकों को लगा मानो यात्रा के साक्षी बन रहे हो।

सच्चाई के रस्ते पर चलने की सीख देते हुए गांधीजी।

कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि और दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया।