
यूपी के एटा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पर ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही ने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार दोपहर को जब उसका साथी सिपाही वर्दी लेने में पहुंचा तो शव लटका हुआ मिला। इसके बाद उसने अधिकारियों और थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारा और परिजनों को इस मामले की जानकारी दी।
घटना स्थल की पुलिस छानबीन की तो एक सुसाइट नोट मिला, जिस पर सिपाही ने लिखा था कि वह बहुत परेशान हो गया है। भाई उसका सारा सामना उसे दे देना। पुलिस अब पता लगाने में जुटी है कि सिपाही सामान किसे देने की बात कर रहा था।
साल 2020 में दोनों भाई एक साथ हुए थे भर्ती
मुजफ्फरनगर जिले के भोराखुर्द गांव के रहने वाले सुभाष चंद्र के दो बेटे साल 2020 में एक साथ पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। उसका भाई मथुरा में तैनात है और जबकि अंकित वर्तमान में कोतवाली जलेसर में तैनात था। वह कोतवाल के साथ रहता था। अंकित की रात की ड्यूटी थी। एक महिला की आत्महत्या की सूचना पर अंकित भी कोतवाली प्रभारी के साथ गए था। वह सुबह आठ बजे घटनास्थल से लौटकर अपने बैरक में चला गया।
शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जब सिपाही सुरेंद्र चौकीदार को साथ लेकर वर्दी लेने बैरक पहुंचा तो वहां सिपाही अंकित का शव लटका मिला। इसके बाद उन्होंने सूचना आला अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही मौके पर एसएचओ अमित चौधरी, अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे। वहां से सुसाइड नोट भी मिला है।
कॉल डिटेल से पता चलेगा सच
इस बारे में थाने प्रभारी ने जानकारी दी कि मौके से सुसाइड नोट मिला था। उसमें लिखा था, 'मैं बहुत परेशान हो गया हूं, अब सहन नहीं होता, भाई मेरा सामान उस तक पहुंचा देना' लिखा है। सामान किसे देना है, ये स्पष्ट नहीं हो सका है। घरवालों, भाई के आने के बाद ही ये स्पष्ट हो सकेगा। इसकी जानकारी को लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सिपाही के मोबाइल की सीडीआर भी निकलवाएगी। इससे सुसाइड करने का कारण स्पष्ट से पता चल सकेगा।
Updated on:
21 Jan 2024 05:02 pm
Published on:
21 Jan 2024 04:59 pm
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