
यूपी के एटा जिले में फूड डिपार्टमेंट के छापेमारी में नकली घी और दूध बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी गई। एटा के चीफ फूड इंस्पेक्टर ने बुधवार सुबह जिले के एक बंद पड़े स्कूल में छापा मारा। वहां अवैध तरीके से नकली दूध और घी बनाया जा रहा था। उन्हें इसके बारे में खूफिया जानकारी मिली थी।
जब चीफ फूड इंस्पेक्टर ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ छापेमारी की तो पता चला कि फैक्ट्री चलाने वालों के पास कोई लाइसेंस नहीं है। फिर भी वह रोजाना दूध और घी धड़ल्ले से बाजार में बेच रहे हैं।
आपस में ही लड़ गए थे नकली घी बनाने वाले, फिर हुआ भंडाफोड़
असल में थाना कोतवाली नगर की पुलिस को पहले मारपीट की सूचना मिली थी। जब पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तो एक शख्स गंभीर रूप से घायल मिला। उसके सिर पर गहरी चोट आई थी।
उसी ने आरोप लगाया कि उसके इलाके में नीरज नाम का एक अवैध कारोबारी है जो नकली दूध और घी बेच रहा है। जब बुधवार को पुलिस ने छापा मारा तो उन्हें गोदाम में भारी मात्रा में अवैध कोकोनट और तेलों के कंटेनर मिले।
पामोल इंडिया नाम के 8 डिब्बे केमिक्ल के पाए गए
कनक न्यूज पोर्टल के मुताबिक पुलिस के फूड विभाग को बुलाए जाने के बाद मामले पर जांच में खाली कंटेनर के साथ वनस्पति घी के दो डिब्बे, रिफाइंड तेल,15 किलो की पामोल इंडिया नाम के 8 डिब्बे केमिक्ल के पाए गए। मौके पर पुलिस और फूड विभाग को मिली नकली पदार्थों के अनुसार गोदाम को सीज कर दिया है।
पेट-दिल और आंखों को खराब करता है नकली घी और दूध
एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल जैन ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ तकरीबन शरीर के सभी अंग पर गहरा असर डालता है।
जब सिंथेटिक दूध से मावा या कोई मिठाई तैयार की जाती है तो इससे सबसे अधिक पेट की बीमारी होती है। इसके अलावा दिल और आंखों की में भी दिक्कत होती है।
ऐसे में आंखों की रोशनी जाने का भी डर रहता है और ब्लड से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं। क्योंकि इसके बनाने में खतरनाक केमिक्ल का प्रयोग किया जाता है।
डॉक्टर ने कहा, ‘त्योहार पर बाहरी सामान खाने से पहले उसकी क्वालिटी चेक कर लेनी चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।’
रिपोर्ट- नदीम खान
Updated on:
19 Oct 2022 05:05 pm
Published on:
19 Oct 2022 05:04 pm
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