एटा। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ सरकारी विभगों में भ्रष्टाचार और रिश्व्तखोरी को लेकर चाहे कितने ही दावे क्यों न कर लें लेकिन वो सारे दावे खोखले और झूठे नजर आ रहे हैं। एटा में सरकारी विभागों में रिश्वखोरी लगातार जारी है। रिश्वतखोरी का ताजा मामला जनपद एटा की तहसील सदर में देखने को मिला है। सबरजिस्ट्रार प्रदीप सक्सेना ने एक गरीब किसान से ही बंधक मुक्त यानि केवाईसी की नकल मांगने पर 200 रुपए की मांगी।
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जॉइंट मजिस्ट्रेट ने पकड़ा सब रजिस्ट्रार
गरीब किसान ने जॉइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर महेन्द्र सिंह तंवर से सब-रजिस्ट्रार द्वारा नकल माँगने पर 200 रुपएये रिश्ववत माँगने व रजिस्टार ऑफिस के अन्दर होने वाली रिश्वतखोरी की शिकायत की। इसके बाद किसान की शिकायत पर जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम महेन्द्र सिंह तँवर ने 100 -100 रुपए के दो नोट पर अपने हस्ताक्षर करके नम्बर नोट कर दोनों नोटों की फ़ोटो स्टेट करा कर किसान को दोबारा सब रजिस्ट्रार के पास भेजा। किसान जैसे ही अपने काम के लिए पहुंचा सब रजिस्ट्रार ने रिश्वत मांगी, तो किसान ने वही नोट दिए। रजिस्ट्रार प्रमोद सक्सेना ने 100-100 के दोनों नोट अपनी जेब मेंं रखे ही थे तब तक जॉइंट मजिस्ट्रेट महेन्द्र सिंह तँवर ने रंगे हाथों दबोच लिया और हस्ताक्षर किए हुए 100/100 के दोनोंं नोट जॉइंट मजिस्ट्रेट ने बरामद कर लिए।
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जॉइंट मजिस्ट्रेट ने पुलिस बुलाकर रिश्वतखोर रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर लिया। सब रजिस्ट्रार प्रमोद सक्सेना से 31 हजार रुपए बरामद किए गए। आरोपी सब रजिस्ट्रार प्रमोद सक्सेना को जेल भेजने की तैयारी कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।