
एटा में पुलिसकर्मियों की वजह से नाबालिग की मौत। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज
UP Crime: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में नाबालिग को पुलिस ने थर्ड डिग्री दी। जिसके बाद 17 साल के नाबालिग लड़के की मौत हो गई। मामले में शनिवार सुबह 2 नामजद और 3 अज्ञात यूपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की बीएनएस धारा के तहत FIR दर्ज की गई।
मामला चंद्रभानपुर गांव के निधोली कलां पुलिस स्टेशन का बताया जा रहा है। मृतक सत्यवीर सिंह के शरीर, उसके प्राइवेट पार्ट पर चोटों के निशान पाए गए हैं। बताया जा रहा है सत्यवीर के उम्र जितनी लड़की लापता हो गई, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। नासिक में सत्यवीर प्राइवेट नौकरी करता था।
सत्यवीर के पिता गांव चंद्रभानपुर उर्फ नगला खरेटी निवासी मौहर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि निधौली कलां में तैनात उपनिरीक्षक सुरेंद्र यादव, आसिफ अली और अन्य पुलिसकर्मी 8 दिनों से घर पर आकर सत्यवीर को धमका रहे थे।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सत्यवीर सिंह ने आत्महत्या की, जबकि उसके परिवार ने आरोप लगाया कि उसे प्रताड़ित किया गया और अवैध हिरासत में रखा गया। सत्यवीर सिंह के पिता मोहर सिंह की शिकायत के आधार पर, शनिवार देर रात निधौली कलां थाने के उप-निरीक्षक सुरेंद्र सिंह और आसिफ अली समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ बीएनएस धारा 103 (1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया।
FIR में, मृतक के पिता ने कहा, "दोनों उप-निरीक्षकों और उनकी टीम ने मेरे बेटे की बेरहमी से पिटाई की। फिर उन्होंने मेरे बेटे को हमारे गांव के पास छोड़ दिया। जहां 2 अगस्त की सुबह वह मृत पाया गया।"
मृतक के परिजनों के मुताबिक, 2 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे सत्यवीर का शव गांव के बाहरी इलाके में मिला, जिस पर गहरे जख्म के निशान थे। मृतक के पिता मोहर सिंह का कहना है कि उनका बेटा 31 जुलाई को महाराष्ट्र के नासिक से घर लौटा था, जहां वह प्राइवेट नौकरी करता था।
मामले को लेकर SSP एटा श्याम नारायण सिंह ने कहा, " दो SI सुरेंद्र सिंह और आसिफ अली समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। DSP ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। अगर जांच में पुलिस की ओर से कोई लापरवाही सामने आती है तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे।"
Updated on:
05 Aug 2025 11:56 am
Published on:
05 Aug 2025 11:56 am
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