
Rehan kidnepping case
एटा। कासगंज सहावर के हसनपुर से अगवा किए गए छात्र रेहान को मुठभेड़ के बाद पुलिस मुक्त कराने का दावा कर रही है, लेकिन परिजनों द्वारा जो बयान दिया गया है, उससे पुलिस अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। रेहान के परिजन धरने पर बैठ गए हैं और राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
ये है मामला
कासगंज जनपद के सहावर थाना क्षेत्र के गांव से 26 सितम्बर की सुबह स्कूल पढ़ने जाते कक्षा चार के छात्र रिहान अली खां का अपहरण कर लिया गया था। वो सहावर के सीपीबी स्कूल में कक्षा चार का छात्र है। रेहान अपने छोटे भाई फरहान अली खां के साथ सहावर के सीपीबी स्कूल आने के लिए सुबह सात बजे पैदल ही घर से निकला था। रास्ते में भट्ठे के पास बोलेरो सवार पहले से ही बैठे थे। उन्होंने रिहान को पकड़कर बोेलेरो में डाल लिया और गाड़ी लेकर गंजडुंडवारा की ओर भाग गए।
परिजन बैठे धरने पर
रेहान के परिजन एटा पहुंचे और कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए हैं और उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा-मृत्यु की अनुमति मांगी है। रेहान के परिजनों द्धारा इच्छा मृत्यु की अनुमति से एटा पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रेहान की सकुशल बरामदगी के बाद उसके परिजनों ने कासगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान उठाते हुए कहा कि रेहान की बदमाशों के चंगुल से रिहाई कासगंज पुलिस ने मुठभेढ़ के बाद नहीं, बल्कि उन्होंने खुद अपहरणकर्ताओं को साढ़े 5 लाख रुपये देकर एटा के अलीगंज थाना क्षेत्र के केल्ठा गांव के समीप से कराई है। पुलिस इसका सारा श्रेय खुद लेते हुए, बदमाशों से मुठभेढ़ के बाद रिहान की बरामदगी सहावर थाना क्षेत्र के कटरी इलाके से बरामदगी दिखा रही है।
कर्ज लेकर लेकर जुटाई फिरौती की रकम
परिजनों ने कहा कि रेहान की सकुशल बरामदगी के लिए उन्होंने कर्ज लेकर रुपयों का इंतजाम किया और रेहान को छुड़ाया, जबकि कल तक पुलिस इस पूरे अपहरणकाण्ड के मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता साबिर को मान रही थी, लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले में साबिर को पाक साफ बता दिया। वहीं एटा पुलिस के आला अधिकारी पूरे मामले को कासगंज से बताते हुए पूरे मामले पर किनारा करते नजर आये।
Published on:
20 Oct 2017 10:30 am
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