
Darvesh Yadav
एटा। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव का अंतिम संस्कार शोकाकुल वातावरण में कर दिया गया। थाना मलावन क्षेत्र के अंतर्गत चांदपुर थरौरी गांव में अंतिम संस्कार हुआ। हर किसी का आँख में आंसू थे। तीन दिन पहले तक गांव वाले खुश थे कि उनकी यहां के बेटी ने बड़ा नाम कमा लिया है। उन्हें क्या पता था कि तीन दिन उसकी लाश आएगी। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा और पुख्ता की जाएगी।
अंतिम यात्रा में शामिल हुए सैकड़ों लोग
दरवेश यादव की बुधवार को साथी वकील मनीष शर्मा ने दीवानी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। रात्रि में ही उनका शव एटा आ गया था। गुरुवार सुबह पार्थिव शरीर पैतृक गांव चांदपुर लाया गया। गांव की बेटी का शव देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अंत्येष्टि में शामिल नहीं हो सके।
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जताई संवेदना, कोर्ट परिसर में सुरक्षा मजबूत करेंगे
इस मौकेकंत पर उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने दरवेश यादव के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि सरकार आपके साथ है। हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधी भयभीत हैं। लगातार हो रही घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा कि सभी को पकड़ा जाएगा। कोर्ट परिसर में सुरक्षा मजबूत करेंगे। वकीलों के चैम्बरों के आसपास भी पुलिस गश्त होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कानून एवं व्यवस्था ठीक रखने का निर्देश दिया है। इसका परिमाण जल्दी दिखाई देगा।
बुधवार को गोली मारकर की थी हत्या
बता दें कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष चुने जाने के बाद बुधवार को दीवानी कचहरी में दरवेश सिंह का स्वागत हुआ। स्वागत के बाद वे आभार प्रकट करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अरविन्द मिश्रा के चैम्बर में गईं। वहीं पर साथी अधिवक्ता मनीष बाबू शर्मा ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद के गोली मार ली। मनीष शर्मा की हालत गम्भीर है। दरवेश यादव के भतीजे सनी यादव ने मनीष शर्मा, उनकी पत्नी और अधिवक्ता विनीत गुलेच्छा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। विनीत गुलेच्छा पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
थाना मलावन क्षेत्र के गांव चांदपुर की दरवेश सिंह मूल निवासी थी। साधारण किसान परिवार में जन्मी दरवेश तीन बहनें और एक भाई थे। दरवेश की बड़ी बहन मंजूदेवी उर्फ शीलादेवी पुलिस में कांस्टेबल थी। 2013 में हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। बहन की मौत के बाद उसकी बेटी को दरवेश ने अपने पास ही रख लिया था। दरवेश के भाई पंजाबी सिंह गांव में रहकर खेती देखते हैं। पंजाबी सिंह के पांच बेटे हैं। एक बेटा सनी यादव दरवेश के साथ आगरा में ही उसके साथ रहता है। सनी यादव ने ही हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इनपुट: आर बी द्विवेदी
Published on:
13 Jun 2019 01:09 pm
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