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अखिलेश यादव ने इंटरव्यू में खोले कई बड़े राज, मंच पर मायावती और मुलायम के साथ आने की बताई वजह

- मुलायम सिंह यादव और मायावती के एक साथ आने से गया बड़ा संदेश - सपा-बसपा और आरएलडी का गठबंधन, आम लोगों का गठबंधन - गठबंधन का मुकाबला सिर्फ भाजपा से, कांग्रेस नहीं होना चाहती थी शामिल

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Akhilesh Yadav interview in Etawah

अखिलेश यादव ने इंटरव्यू में खोले कई बड़े राज, मंच पर मायावती और मुलायम के साथ आने की बताई वजह

इटावा. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी के विजय रथ को रोकने की दिशा मेx अपने आप को सक्रिय किए हुए हैं। उत्तर प्रदेश से भाजपा को राकने की मुहिम के तहत सपा-बसपा और आरएलडी के गठबंधन से वह न केवल उत्साहित हैं बल्कि उनको यह भी भरोसा है कि गठबंधन भाजपा के विजय रथ को रोक देगा। अखिलेश यादव के साथ सैफई स्थित आवास पर यूपी पत्रिका संवाददाता दिनेश शाक्य ने खास मुलाकात की और तमाम मुददो पर चर्चा की। पेश है मुख्य अंश...

सवाल: नेता जी और बसपा सुप्रीमो मायावती को मिलाकर गठबन्धन बनाने में कितनी मेहनत करनी पड़ी है आपको?

जबाब: देखिए मेहनत तो हर कार्य के लिए करनी पड़ती है लेकिन मैं समझता हूं कि नेता जी और मायावती जी एक साथ आए, यह बड़ा संदेश है, क्योंकि जो सपा-बसपा और आरएलडी का गठबंधन हुआ है वह आम लोगों का गठबंधन है। जो जनता गरीब है गांव के रहने वाले लोग हैं। जिन्हें आजादी के इतने वर्षों बाद हक और सम्मान मिल जाना चाहिए था नहीं मिला। मैं समझता हूं कि नेताजी यह बात जानते हैं कि आज देश बहुत नाजुक दौर से गुजर रहा है। जो परिस्थितियां आज देश के सामने है, वो दूसरी हैं। इसीलिए ये दोनों नेता बिना किसी शर्त एक साथ मंच पर आए और गठबंधन को और मजबूत किया। अखिलेश ने कहा कि आज संविधान पर सीधी चोट पहुंचाई जा रही है और संविधान से मिले हुए अधिकारों को छीना जा रहा है। आज अगर हम देखें तो भारतीय जनता पार्टी का पूरा का पूरा प्रचार झूठ पर है। पुराने वादे याद नहीं कर रहे। जनता उनसे पूछना चाहती है कि 2014 में जो वादे किए थे वो कितने पूरे हुए। अच्छे दिन का नारा दिया। हर साल 2 करोड़ नौकरी देने की बात कही थी। किसानों की आय बढ़ाने और उनको लाभकारी मूल्य दिलाने का भी भरोसा दिया गया था। वो सब कुछ तो हुआ नही और भाजपाई दावा करते हैं कि उन्होंने गैस सिलेंडर ओर चूल्हे बांटे है।यह स्वाभाविक है सरकार की योजना थी और सरकार के पास में सिलेंडर एक्स्ट्रा पड़े हुए थे क्योंकि सरकार अपने कारपोरेशन को घाटे में नहीं जाने देना चाहती थी उस कारपोरेशन को बचाने के के लिहाज से गरीबों के लिए योजना बनाई और आज एक भी एक भी गरीब दोबारा नहीं भरवा पा रहा है क्योकि सिलेंडर भरने के बाद सिलेंडर महंगा कर दिया। इसी तरह शौचालय बनाए। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि स्वच्छ भारत के तहत 9 करोड़ के आसपास शौचालय बनाएं लेकिन एक भी शौचालय में पानी नही है। यह कैसा नीति आयोग का फैसला है यह कैसी योजना है।

सवाल: पांच साल केंद्र और दो साल यूपी सरकार के बीच सपा बसपा ओर आरएलडी का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी को कितनी चुनौती दे पायेगा ?

जबाब: भारतीय जनता पार्टी मुश्किल में है पहले और दूसरे चरण में अगर खाता भी खुलता भी है तो सात चरण में चुनाव है दो डिजिट में भारतीय जनता पार्टी नही पहुंच पायेगी। वो इसलिए गठबंधन तो है ही इसके साथ-साथ जनता भी नाराज है और आज उनके भाषण सुनिए। मुख्यमंत्री का भाषण सुनिये। भारतीय जनता पार्टी के नेता अपने आप में चौकीदार बने जा रहे हैं तो मुख्यमंत्री जी ठोकीदार बने जा रहे हैं कहीं ऐसा होता होगा कि जाति देख कर के गोली चलाई जाती होगी। मुझे याद है भारतीय जनता पार्टी के नेता कहते थे कि उनकी सरकार बनेगी तो कोर्ट में जो मुकदमे है वो खत्म हो जायेगे। लोगो को जल्दी ही न्याय मिल जायेगा। कोर्ट में केसो को निपटाने की स्पीड बढ़ जायेगी लेकिन आज पांच साल पूरे होने पर 50 लाख केस ज्यादा बढ़ गए ओर अगर 50 लाख केस देखे जाये तो वो दलितों,पिछडो ओर अल्पसंख्यको पर ज्यादा मुदकमे लगे हुए है इसीलिए भाजपा ने जब अध्ययन कराया होगा कि आखिरकार मुकदमे में फंसा कौन होगा इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने कहा अच्छा है जिन्होंने इस तरह से किया है कि वो फसे रहे मुदकमे में इसीलिए जो संकल्प पत्र में कहा था वो याद करे।

सवाल: सपा बसपा और आरएलडी के गठबंधन में अगर कांग्रेस पार्टी भी साथ में होती थी और अधिक फायदा होता है ?

जबाब: कांग्रेस गठबंधन में नहीं आना चाहती थी और मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस को जरूरत है क्योंकि कांग्रेस का अपना रास्ता है उनकी अपनी समझ है। वह भारतीय जनता पार्टी को रोकना नहीं चाहती। उत्तर प्रदेश में काग्रेंस कैसे मजबूत हो उनका वह लक्ष्य है तो अच्छी बात है।

सवाल: काग्रेंस गठबंधन मे शामिल नही होना चाहती थी कि आप उनको लेना नही चाहते थे ?

जबाब: समाजवादी पार्टी,बहुजन समाज पार्टी और आरएलडी का मकसद है कि भारतीय जनता पार्टी ओर उनके सहयोगी दलों को रोका जाये वही कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओ का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में कैसे काग्रेस पार्टी जिंदा हो जाए तो दोनों के लक्ष्य अलग अलग है इसलिए संभव ही नहीं है कि कांग्रेस हमारे साथ में आना चाहती होगी।

सवाल: गठबंधन प्रधानमंत्री को हटाने की लड़ाई लड़ रहा है लेकिन गठबंधन अगर जीतता है तो फिर प्रधानमंत्री कौन होगा?

जबाब: गठबंधन की कोशिश है कि देश में नई सरकार बने और नई सरकार के नए प्रधानमंत्री बने। हम किसी को हटाना नहीं चाहते अगर उनका ट्रैक रिकॉर्ड देखे। नोटबंदी पर कुछ बताना नही चाहते है। जीएसटी को सही ढंग से लागू किये जाने बाद व्यापारी बड़े पैमाने पर नाराज है इसलिए तालकटोरा में व्यापारियों को मनाने की कोशिशें की गई। मैं इसका जबाब पहले ही दे चुका हूँ कि देश मे नई सरकार बने , देश मे। नया प्रधानमंत्री बने। भारतीय जनता पार्टी नया देश नही बना सकती है। नई पार्टी नया प्रधानमंत्री इस देश को नया बनायेगा।

सवाल: नया प्रधानमंत्री ही चाहिए या फिर भारतीय जनता पार्टी से ही कोई नया प्रधानमंत्री बनेगा?

जबाब: भारतीय जनता पार्टी के पास कोई नया प्रधानमंत्री नहीं है इसलिए विपक्षी ही नया प्रधानमंत्री देगा। समय-समय पर जब कभी भी विपक्षी सरकारें बनी है। उसका प्रधानमंत्री अपने आप चुन लिया गया।

सवाल: आपके चाचा आप के गठबंधन को जगह जगह चुनौती दे रहे हैं तो इस से मुकाबला कैसे करेंगे ?
जबाब: समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ओर आरएलडी का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से है और भारतीय जनता पार्टी से जब यह गठबंधन टकरा रहा है तो मैं यह समझता हूं तो इसके आसपास कोई दल है ही नहीं। जनता उनको बिल्कुल नकार देगी क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही तय करेगी और जनता के फैसले से ही जनमत मिलेगा ओर जनता ने करके भी दिखाया। अभी उप चुनाव जब हुए थे तब इसी गठबंधन ने भाजपा का हरा दिया ओर वो सीटे भाजपा की हरायी जहाँ पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री खुद चुन कर आते थे। कभी कल्पना नही कर सकते थे कि गोरखपुर सीट भी हारी जा सकती है। गोरखपुर तो जीते ही फूलपुर भी जीत गए। जहॉ से उनके पिछड़े उपमुख्यमंत्री आते है। हालांकि वह पिछड़े नहीं है वह अगड़े पिछड़े मुख्यमंत्री है।

सवाल: आजमगढ़ से भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल निरहुआ आपको सलाह दे रहे हैं?

जबाब: आजमगढ़ को लेकर भारतीय जनता पार्टी का जो ट्रैक है। उसमें भारतीय जनता पार्टी अपने ही जाल में फंस गई। भारतीय जनता पार्टी वह है जो आरोप समाजवादी पार्टी या फिर दूसरे दलों पर लगाती रही है। उनके पास अपना नेतृत्व नहीं है इसलिए मुंबई की तरफ देखते है। आज देखो भारतीय जनता पार्टी जो कहती थी उसके जस्ट आपोजिट काम कर रही है। वैसे भाजपा का दावा है कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन मैं यह कह सक सकता हूॅ भाजपा दुनिया वो पार्टी है जो अपने कहे का जस्ट उल्टा करती है।


सवाल: आजमगढ़ संसदीय सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने आप के मुकाबले कमजोर उम्मीदवार दिया हुआ है ऐसा लगता है?
जबाब: कुछ लोकसभा सीटें ऐसी होती है। जहां से समाजवादी हमेशा जीतते रहे है या फिर उस विचारधारा से वहॉ के लोग जुड़ जाते है। मैं समझता हूं कि मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, फिरोजाबाद बदायूं के बाद समाजवादियों के सबसे करीब कोई सीट है तो वह आजमगढ़ की सीट है। पिछले चुनाव में नेता जी इस सीट से चुन कर गए थे और नेताजी तो उस सीट से तक जीते जब यह कहा जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी की सुनामी है लहर है ना जाने क्या-क्या लेकिन आज तो ना कोई सुनामी है और ना कोई लहर। यह सब तो भाजपा ने सिखाया हुआ है। अब तो भारतीय जनता पार्टी की वहां पर गिनती ही नहीं होनी।

सवाल: आप प्रधानमंत्री बदलने की लड़ाई लड़ रहे हैं नेताजी ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने की शुभकामनाएं दी, इस विरोधाभास का जवाब आप आप अपने मतदाताओं कैसे देंगे ?

जबाब: लोकतंत्रीय संसदीय प्रकिया में एक दूसरे को बधाई दी जाती है ओर जब संसद का आखिरी दिन होता है। तो शिष्टाचार के तौर पर एक दूसरे को इस बात की भी बधाई देते हैं सब जीत कर आये यह केवल परंपरा थी यही तो भारतीय जनता पार्टी का कमाल है अगर कोई शिष्टाचार में आप का सम्मान कर दे उसको भी राजनीतिक रंग अपने स्वार्थ के लिए देने में जुट जाते है। अभी हाल में ही देखिए पुलबामा और बालाकोट में किस तरीके से अपने स्वार्थ में अपने लिए इस्तेमाल कर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने यहॉ तक कहा कि देश इसलिए सुरक्षित हैं क्योंकि देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। हम उन्हें कहना चाहते हैं देश फौज की वजह से सुरक्षित रहता है और वहॉ पर खड़े हुए जवानो की वजह से।

सवाल: भारतीय जनता पार्टी के लोग आप की सरकार पर इस तरीके का आरोप लगाते रहे हैं कि आपने अपनी सरकार में गुंडों और अपराधियों को संरक्षण दिया उन सभी को मौजूदा सरकार ने जेल में भेज दिया है जिसकी वजह से कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है ?

जबाब: आज मुख्यमंत्री कौन है वो अपनी एफआईआर की कापी भूल गए होंगे। उन्हें देखना चाहिए चुनाव आयोग में उन्होंने अपने दस्तावेज जमा किए। कितनी और कैसी कैसी गंभीर धाराएं उनके ऊपर लगी हुई हैं। उनके उपमुख्यमंत्री के ऊपर क्या कम आपराधिक मामले दर्ज। उनको एक दिन स्पेशल कोर्ट में बैठना भी पड़ गया था। राज्य स्तरीय नेताओं की बात तो अलग राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को भी देख ले। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन है। वो लोग जो अपराध को बढ़ा रहे है। नफरत को बढ़ा रहे है एक दूसरे के दिलो में खाई खोदने का काम कर रहे है उनसे क्या उम्मीद कर सकते है। यह भारतीय जनता पार्टी है जो आज अपराधी बना रही है और अपराधियों का भी सम्मान कर रही है।

सवाल: सपा-बसपा और आरएलडी का गठबंधन 2022 में भी चलेगा?

जबाब: यह गठबंधन आगे भी चलेगा। इसी तरह से चलता रहेगा क्यों कि यह विचारों का संगम है। यह दिलो का गठबंधन है।