
Ashok
इटावा. टिकट से वंचित किए गए भारतीय जनता पार्टी के सांसद अशोक दोहरे इटावा संसदीय सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। इस सिलसिले में उनकी कांग्रेंस पार्टी के बड़े नेताओं से बड़े स्तर पर चर्चा हो रही है, लेकिन खुद अशोक दोहरे इससे साफ इंकार करते हुए कहते है कि वो अपने घर पर हैं। इस पर कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष उदयभान सिंह यादव से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने भी चर्चाओं के आधार पर ही इस बात को सुना है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि कांग्रेस पार्टी के किस नेता से अशोक दोहरे की किस टिकट के सिलसिले में किस स्तर पर वार्ता चल रही है।
आगरा से सांसद को दिया गया है इटावा से टिकट-
आपको बता दें कि इटावा के भाजपा सांसद अशोक दोहरे का टिकट पार्टी हाईकमान ने सांसद रिपोर्ट कार्ड के आधार पर काट दिया है। उनके स्थान पर आगरा के सांसद रामशंकर कठेरिया को टिकट दिया गया है। डा. राम शंकर कठेरिया मूल रूप से इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के नगरिया सरावा गांव के रहने वाले हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, डाक्टर कठेरिया एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष भी हैं और भारतीय जनता पार्टी में बड़े दलित नेताओं में उनका नाम शुमार होता है।
कठेरिया ने दिया बयान-
डाक्टर रामशंकर कठेरिया, भाजपा उम्मीदवार घोषित होने के बाद आज पहली दफा इटावा के दौरे पर थे, जहॉं उनका मुख्यालय पर रामदास स्थित गार्डन में जोरदार स्वागत किया गया। इसी स्वागत समारोह के दरमियान डाक्टर कठेरिया ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया, लेकिन स्वागत समारोह की श्रृंखला में टिकट से वंचित भारतीय जनता पार्टी के सांसद अशोक दोहरे पूरी तरीके से नदारद रहे। इसे लेकर खुद कठेरिया से जब पत्रकारों ने बात की तो उन्होंने कहा कि टिकट कटने के कारण अशोक दोहरे भाजपा हाईकमान से बुरी तरीके से नाखुश हैं, हालांकि नाराजगी की तस्दीक कठेरिया ने नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि जो भी नाराज है, उसको पार्टी हित में मनाया जाएगा और उससे पार्टी के लिए काम करने के लिए कहा जाएगा।
2014 में जीचा था चुनाव-
2014 के आम चुनाव के दौरान करीब 3 महीने पहले भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाले अशोक दोहरे मोदी लहर में इटावा संसदीय सीट से सांसद निर्वाचित हो गए थे। इससे पहले अशोक दोहरे बहुजन समाज पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता रहे। अशोक दोहरे उत्तर प्रदेश की मायावती की सरकार में जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं, लेकिन बसपा सुप्रीमो से अनबन के बाद उन को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। 2014 के आम चुनाव से पहले अशोक दोहरे ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और भारतीय जनता पार्टी ने इटावा सीट से अशोक दोहरे को अपना उम्मीदवार बनाया। यहां से जीतक उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय जनता पार्टी ने अशोक दोहरे के माध्यम से दूसरी बार इटावा सीट पर अपनी छाप छोड़ी थी।
Published on:
28 Mar 2019 06:02 pm
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