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इटावा. इटावा में कोतवाली इलाके के कटरा फतेह महमूद खां में काग्रेंस नेत्री हंसमुखी शंखवार के बेटे ने फांसी लगाकर जान दे दी है। खुदकुशी करने से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा। पुलिस द्वारा बरामद किए गये सुसाइड नोट के मुताबिक जाहिर तौर पर मामला प्रेम प्रसंग का है। आपको बता दें कि हंसमुखी शंखवार 2014 के संसदीय चुनाव में काग्रेंस पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरी थीं।
पुलिस ने कहा यह-
इटावा के पुलिस उपाधीक्षक एस.एन.वैभव पांडे ने बुधवार को बताया कि कांग्रेस नेत्री हंसमुखी संखवार के बेटे अभिषेक (18) को तड़के करीब पांच बजे आंगन में पड़े जाल से लटका देखा गया। उसने जाल से धोती बांधकर फांसी लगाई है। जब तक परिजनों की उस पर नजर पड़ती, उसकी मृत्यु हो चुकी थी। कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर सुसाइड नोट बरामद किया है।
परिवार को नहीं थी बेटे के प्रेम प्रसंग की जानकारी-
अभिषेक के पिता बलराम संखवार चौधरी चरण सिंह डिग्री कालेज हैंवरा में लिपिक हैं। उन्होंने बताया कि अभिषेक इसी कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहा था। उसने बीसीए के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। वह अपनी मौसी के यहां मुरादनगर गाजियाबाद में छह दिन रहकर 29 अप्रैल को घर लौटा था। बलराम ने बताया कि उस दिन उनकी ड्यूटी मतदान में लगी हुई थी, इसलिए अभिषेक से मुलाकात और बात नहीं हो सकी थी। मौसी के घर से आने के बाद से अभिषेक दो दिन से शांत था। उसने परिवार के किसी सदस्य से घुलमिल कर बात नहीं की और न ही शांत रहने की वजह के बारे में खुलकर किसी को बताया। यही वजह थी कि उसके प्रेम प्रसंग के बारे में परिवार के किसी सदस्य को जानकारी नहीं थी। अभिषेक तीन बेटों में सबसे छोटा और मेधावी था।
सुसाइड नोट में लिखा- छोड़ना नहीं उस लड़की को, उसकी शादी होने मत देना
खुदकुशी करने से पहले अभिषेक ने जो सुसाइड नोट लिखा उसमें उसने गैर जाति की युवती के नाम का उल्लेख करते हुए अपने कृत्य के लिए उसी को जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में लिखा, छोड़ना नहीं उस लड़की को, उसकी शादी होने मत देना, मैं अपने होशो हवास में खुदकुशी कर रहा हूं क्योंकि मेरे पास कोई आप्शन नहीं है। प्लीज मुझे माफ कर देना। सुसाइड नोट में लड़की, उसके पिता और भाई के मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है। अभिषेक का पोस्टमार्टम कराया गया है।
21 मिनट की फोन पर बात-
पुलिस उपाधीक्षक कहना है कि पोस्टमार्टम की जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे और परिवारीजन जो तहरीर देंगे उसी के अनुसार पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। बताया जा रहा है कि अभिषेक के मोबाइल पर रात 1.05 बजे किसी की कॉल आई थी। अभिषेक ने इस नंबर पर 1.26 बजे तक बात की। इस 21 मिनट की बातचीत के दौरान ही कुछ ऐसा हुआ कि अभिषेक ने सुसाइड नोट लिखा और कुर्सी पर चढ़कर छत पर लगे जाल में मां की साड़ी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली।
कांग्रेस नेत्री लड़ चुकी है लोकसभा चुनाव-
हंसमुखी शंखवार 2014 के संसदीय चुनाव में काग्रेंस पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरी थीं। चुनाव नतीजों में उनको मात्र 13,000 के आसपास वोट मिले थे। हंसमुखी शंखवार पेशे से वकील भी हैं।
Published on:
01 May 2019 09:31 pm
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