
Cyber fraud Rs 10.5 crore found in 6 accounts इटावा पुलिस में धोखाधड़ी करके लोगों से पैसे ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से महंगे मोबाइल, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, चेक बुक, पासबुक सहित कुल 19 चीजें बरामद हुई हैं। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए अभियुक्त भोले भाले ग्रामीणों का बैंक में अकाउंट खुलवाकर उनसे सारी डिटेल ले लेते थे और खाते का संचालन खुद करते थे।
उत्तर प्रदेश के इटावा एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि साइबर ठगी करने वाले ग्रामीणों के अकाउंट खुलवाते थे। 20-25 हजार देकर आधार कार्ड, पासबुक, एटीएम, चेक बुक आदि ले लेते थे। सिस्टम को हैक करके ओटीपी की जानकारी भी कर लेते थे। जिसका उपयोग ऑनलाइन गैंबलिंग के लिए करते हैं। पैसे मांगने के लिए महादेव एप का इस्तेमाल करते हैं।
एसएसपी ने बताया कि अभी तक 35 खातों की जानकारी मिली है। छह खातों की जांच की गई है। पूछताछ में जानकारी मिलेगी अपने साथियों के साथ मिलकर इटावा और आसपास के जिलों के लोगों के खाता बैंक में खुलवाते थे। कुल 35 खातों की जानकारी मिली है। जिनमें 6 की जांच की गई है। पिछले 2-3 महीने में 10.5 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन हुआ है। ऐसे में 29 खातों में और भी ज्यादा ट्रांजैक्शन हुआ होगा। इस काम के लिए उन्हें एक लाख रुपए प्रति खाते के हिसाब से भुगतान मिलता था।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 26 मोबाइल अलग-अलग कंपनियों के, 11 आधार कार्ड, 64 एटीएम कार्ड अलग-अलग कंपनी के, सिम कार्ड के आठ खाली रैपर, अलग-अलग बैंकों के 30 चेक बुक, अलग-अलग बैंकों के 23 पासबुक, एक पासपोर्ट, एक सीपीयू, दो मॉनिटर, दो स्वाइप मशीन, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक क्यूआर कोड स्पीकर, यस बैंक यूआर कोड स्पीकर, भीम यूपीआई क्यूआर कोड, स्टांप मोहर, मोहर पेड़, जिओ कंपनी का ब्रॉडबैंड, हुंडई कार एक्सटर, यामाहा मोटरसाइकिल आर15 बरामद की गई है।
पकड़ने वाली टीम में थानाध्यक्ष वैदपुरा विपिन कुमार और उनकी टीम शामिल थी। इसके अतिरिक्त साइबर क्राइम प्रभारी रण बहादुर सिंह, एसओजी टीम प्रभारी जितेंद्र प्रसाद शर्मा, प्रभारी सर्विलांस उपनिरीक्षक नागेंद्र चौधरी, उपनिरीक्षक बचन सिंह आदि अपनी अपनी टीम के साथ शामिल थे।
Published on:
16 Feb 2025 08:33 am

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