
इटावा सफारी पार्क के आसपास होने वाली गैरकानूनी गतिविधि को तत्काल कराया जाएगा बंद- दारा सिंह चौहान
इटावा. उत्तर प्रदेश मे देश दुनिया पर्यटको को आकर्षित करने के लिए स्थापित कराये गये इटावा सफारी पार्क के आसपास ऐसी किसी भी गतिविधि को संचालित नही होने दिया जायेगा जो पार्क के वन्य जीवो के अलावा वन संपदा को नुकसान पहुंचायेगी।
उत्तर प्रदेश के वन एंव पर्यटन मंत्री दारा सिंह चौहान के समक्ष इटावा सफारी पार्क के दौरे दरम्यान पत्रकारों की ओर से यह मुददा लाये पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इटावा सफारी पार्क को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को तत्काल बंद कराया जायेगा इसलिए जिला प्रशासन से भी जरूरी वार्तालाप किया जायेगा।
1 जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकार्पण कर चुके हैं फिर भी अभी इस सफारी पार्क को आम जनमानस के लिए खोला नहीं गया है इसके बावजूद भी पार्क के आसपास इलाकाई लोगों की तरफ से ऐसी गतिविधि शुरू कर दी गई है जो पर्यावरणीय तौर पर पार्क को नुकसान पहुंचाने में जुट गई है। जिसको लेकर के सफारी प्रशासन बेहद चिंतित नजर आ रहा है। इसी कारण सफारी प्रशासन ने जिला प्रशासन से पत्राचार शुरू कर दिया है ताकि इटावा सफारी पार्क को होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
रविवार को इटावा सफारी पार्क के दौरे पर आ रहे उत्तर प्रदेश सरकार के वन मंत्री दारा सिंह चौहान के समक्ष इस मुददे को प्रभावी ढंग से उठाया गया जिस चौहान ने स्पष्ट कर दिया कि इटावा सफारी पार्क के आसपास इस तरह की कोई भी गतिविधि नही होने दी जायेगी जिससे पार्क को कोई भी क्षति पहुंची।
इटावा सफारी पार्क से सटे हुए एक बड़े भूभाग पर निर्माण की कार्यवाही बड़ी तेजी से चल रही है जबकि शासन के निर्देशानुसार इटावा सफारी पार्क के आसपास किसी भी तरीके का कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं इटावा सफारी पार्क के नजदीकी एक क्रेशर प्लांट भी संचालित हो रहा है जिस से निकलने वाली डस्ट इटावा सफारी पार्क के पेड़ों और वन्यजीवों को खासा नुकसान पहुंचाने में जुटी हुई है। क्रेशर प्लांट से निकलने वाली डस्ट पेड़ों की खूबसूरती को बर्बाद कर रही है इसलिए सफारी प्रशासन ने निर्णय लिया है प्लांट को बंद कराया जाए अन्यथा इटावा सफारी पार्क के महत्वपूर्ण समझे जाने वाले पेड़ों को खासी तादाद में बड़ा नुकसान सुनिश्चित है।
इटावा सफारी पार्क तथा यहां रहने वाले वन्य जीवों को स्वच्छ का हरा भरा माहौल उपलब्ध कराया जाना है। इसके लिए सफारी के आसपास 10 किलोमीटर क्षेत्र प्रदूषण मुक्त रहेगा। सफारी के आसपास हो रहे हैं कुछ निर्माण कार्यों को लेकर सफारी प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि इससे सफारी तथा वहां के वन्यजीवों को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे सफारी के चारों ओर 10 किलोमीटर क्षेत्र प्रदूषण मुक्त रहें। यहां कोई ऐसा प्लांट आदि ना चले जिससे पर्यावरण को खतरा हो और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचा।
15 मई को इटावा सफारी पार्क के निदेशक वी.के.सिंह की ओर से जिलाधिकारी इटावा को भेज गये सरकारी पत्र मे स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय चिडियाघर प्राधिकरण के आदेशानुसार 23 नंबवर 2016 को इटावा सफारी पार्क को मिनी जू घोषित किया है जो कि एक संरक्षित क्षेत्र है। पार्क के आसपास व्यवसायिक निर्माण कार्याे से पार्क के वन्य जीवो के संरक्षण एंव विकास पर कुप्रभाव पडेगा। यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि पर्यावरण नियम 2002 के प्राविधानो के अनुसार पार्क के दस किलोमीटर की परिधि मे व्यवसायिक निर्माण प्रतिबंधित है। कथिपय व्यक्तियो की ओर से निर्माण कार्य किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
Published on:
02 Jul 2018 10:10 am
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