
इटावा जेल में कानपुर का एक बड़ा शार्प शूटर मारा गया, इस शातिर अपराधी से वर्चस्व के लिए हुआ टकराव
इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिला जेल में वर्चस्व को लेकर हुए संघर्ष में घायल कानपुर के शार्प शूटर मोनू पहाड़ी की मौत हो गई। संघर्ष मे कई कैदियों और जेल अफसरों को भी चोटें आई हैं, जिनका उपचार सैफई मेडिकल कालेज मे चल रहा है।
इटावा के जिलाधिकारी जितेंद्र बहादुर सिंह ने मोनू पहाड़ी की मौत की पुष्टि करते हुए गुरुवार को बताया कि बुधवार शाम जेल मे दो गुटों के बीच हुए संघर्ष के बाद घायल मोनू पहाड़ी की मौत हो गई है। इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए है। पूरी घटना के लिए अपर जिला अधिकारी ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव को जांच अधिकारी बनाया गया है। अपर जिला अधिकारी को पंद्रह दिन के भीतर पूरे मामले की विस्तार से जांच रिर्पोट पेश करने के निर्दे दिए गए हैं।
डीएम ने इस बात की भी पुष्टि की है कि जेल मे संघर्ष के बाद हालात को नियंत्रत करने के लिए पुलिस और जेल प्रशासन ने हल्के बल प्रयोग का इस्तेमाल किया है लेकिन मोनू पहाड़ी की मौत का असल कारण क्या है वो जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बुधवार को बैरक में ले जाने के दौरान कैदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। बीच-बचाव के लिए पहुंचे जेलकर्मियों पर भी कैदियों ने हमला बोल दिया। घटना में डिप्टी जेलर, बंदी रक्षकों के अलावा कई कैदी घायल हो गए थे। घायलों को जेल अस्पताल भेजा गया था।
जिला जेल मे घायल होने के बाद मोनू पहाड़ी को उपचार के लिए मुख्यालय के डा.भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रात 11 बजकर 20 मिनट पर लेकर पहुंचा गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी उसके शव को अस्पताल की मोर्चरी मे रखवा दिया गया। सुबह होने के साथ ही मोनू पहाड़ी की मौत की खबर चारोों ओर फैल गई। सिविल लाइन थाने के दरोगा सुरजीत और तहसीलदार एन.राम की मौजूदगी मे उसके शव को पंचायतनामे की प्रकिया शुरू की गई है।
पंचायतनामे की प्रकिया कराने मे जुटे इटावा के तहसीलदार एन.राम ने बताया कि कैदी की मौत का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल के जरिये कराने के साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। मोनू पहाड़ी के कई रिश्तेदार कानपुर से इटावा पहुंच गए हैं जो उसकी मौत के बाद सदमे में तो है लेकिन कोई कुछ भी बोल नही रहा है।
आगरा जेल से लाए गए शातिर अपराधी मुन्ना खालिद और कानपुर जेल से आए शार्प शूटर मोनू पहाड़ी के बीच बुधवार शाम वर्चस्व को लेकर टकराव हो गया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए जेल प्रशासन को हल्का बल प्रयोग करना पडा था, जिसमें कई कैदी घायल हो गए थे। कल शाम हुए संघर्ष के बाद जेल के लंबरदार छुन्ना को रात आठ बजकर 20 मिनट पर नाजुक हालत मे अस्पताल ले जाया गया। उसके बाद अधिकारियों की ओर से विभिन्न स्तर पर जांच प्रकिया शुरू की गई लेकिन मोनू पहाड़ी को रात 11 बजकर 20 मिनट पर मृत हालत मे अस्पताल मे लेकर जेल अधिकारियो की ओर से पहुंचना किसी के गले नही उतर रहा है।
Published on:
02 Apr 2020 12:19 pm
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