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इटावा. मायावती राज में मुलायम गढ इटावा में एसएसपी के तौर पर तैनात रहे प्रमोटी आईपीएस अफसर सियाराम शरण आदित्य एक बार फिर सुखिर्र्याे में हैं। दरअसल आरक्षित इटावा संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी से अलग हो कर नया दल प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर चुके शिवपाल सिंह यादव चाहते थे कि आदित्य इटावा सीट से उनके दल से चुनाव मैदान में उतरे।
बाकायदा आदित्य को आंमत्रण देने के लिए प्रगतिशील पार्टी के कई नेता उनसे मिलने के भी लखनऊ गये, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से साफ तौर पर इंकार कर दिया। इसके बावजूद भी उनके नाम की चर्चा इटावा के राजनैतिक हल्को में होती दिखाई दे रही है।
चर्चा के बीच में दिया बयान-
शिवपाल सिंह यादव ने आज अपने दल के तमाम उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया तो देर शाम तक इटावा सीट से आदित्य के नाम की चर्चा शुरू हो गई। चर्चा शुरू होते ही जब उनसे इस बाबत संपर्क स्पष्ट किया गया तो उन्होंने साफ-साफ इंकार किया कि वो चुनाव लड़ने के कतई इच्छुक नहीं है।
मायावती के खास अधिकारियों में शामिल आदित्य-
वर्ष 2008 में तत्कालीन बसपा सरकार के दौरान इटावा के एसएसपी एस.आर.एस.आदित्य को मायावती के खास अधिकारियों में माना जाता था। हैंवरा कालेज में पुलिस की गोलियों से छात्र मुकेश यादव की मौत के बाद से ही वह सपा नेताओं के निशाने पर थे। घटना के बाद स्वयं तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उनके खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका था। 9 जनवरी 2008 को हैंवरा कॉलेज में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पूरे मामले में हिंसक रुख अपनाया था। यह प्रदर्शन राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान एक दरोगा की ओर से शिवपाल सिंह यादव को थप्पड़ मारने के विरोध में किया गया था। छात्रों को मनाने की बजाए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई। मौके पर तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.आर.एस आदित्य स्वयं पहुंचे थे। छात्र कॉलेज के भीतर थे और पुलिस ने बाहर से उन पर गोलियां बरसाई थीं।
इटावा के एसएसपी रहे एस आर एस आदित्य से इटावा का गहरा नाता रहा है। एसएसपी तैनाती से पहले भी वे अपर पुलिस अधीक्षक के तौर पर तीन बार और पीएसी में उप कंमाडेंट के तौर पर तैनात रह चुके हैं। यहां उनके सर्मथकों की भी खासी तादाद बताई जाती है।
Published on:
20 Mar 2019 08:31 pm
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