
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शीघ्र मुक्त कराएगी नारायणी सेना
इटावा. उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि स्थल को मुक्त कराने के लिए अब नारायणी सेना सड़कों पर उतर कर संघर्ष करेगी। यह बात नारायणी सेना के संस्थापक मनीष यादव पतरे ने की आज कही।
जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में आज भाजपा नेता मनीष यादव पतरे ने कटैयापुर स्थित संकटमोचन बालाजी मंदिर पर नारायणी सेना की स्थापना की और स्थापना दिवस मनाया गया। जहां पर सैकड़ों धर्म गुरुओं की मौजूदगी में नारायणी सेना के संस्थापक के अलावा कइयो धर्मगुरुओं ने इस बात का ऐलान किया कि नारायणी सेना में मुख्य उद्देश्य मथुरा स्थित भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली को मुक्त कराना है।
नारायणी सेना की स्थापना को लेकर आज बड़ा धार्मिक आयोजन इटावा जिले के चौबिया इलाके के कटैयापुर स्थित संकट मोचन बाला जी मंदिर में आयोजित किया गया । जिसमे तमाम तमाम स्थानीय लोगो के अलावा कई धर्मगुरुओं ने हिस्सेधारी की।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराना होगा :- नारायणी सेना के संस्थापक मनीष यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि सदियों से इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर रही है। सन 1018 में महमूद गजनबी से लेकर के सोहलवीं सदी में सिकंदर लोदी औरंगजेब ने कृष्ण जन्मभूमि को ध्वस्त किया था और उस पर मस्जिद का निर्माण करा दिया था। इसके बाद से 1951 में उद्योगपति बिरला जी ने उसी मस्जिद के बगल में जमीन खरीद वहां पर मंदिर का निर्माण कराया किंतु गर्भ ग्रह पर आज भी मस्जिद बनी हुई है जो कि हिंदू जनमानस के साथ अन्याय है। सभी राम जन्म भूमि के मुक्त होने के बाद सदियों से अपने आराध्य की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण का सपना देख रहे हैं। वेदनाओ से सिसकते हुए हिंदू समाज को अब अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण की जन्म भूमि को मुक्त कराने के लिए आगे बढ़ना होगा। इसी उद्देश्य से भगवान श्रीकृष्ण की नारायणी सेना के नाम से नारायणी सेना का गठन किया गया है।
दस हजार सदस्य :- उन्होंने बताया कि संगठन से फिलहाल 10,000 से ज्यादा लोगों को सदस्यता अभियान के तहत जोड़ा गया है। साथ ही ब्लॉक संचालन समितियों का भी गठन किया गया है। नारायणी सेना समूचे उत्तर प्रदेश में संगठन बनाकर कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए आंदोलन चलाएगी इसके लिए देशभर के संत समाज को अपने उद्देश्य से जोड़कर आंदोलन को आगे बढ़ाएगी नारायणी सेना कृष्ण जन्मभूमि मुक्त आंदोलन को दो स्तरों पर चलाएगी। जिसमें एक समूचे देशभर के लोगों को जागरुक कर के अभियान को गति देगी। वहीं इतिहासकारों पुरातत्व विभाग शास्त्रों आदि से तथ्यों को संकलन करके उपासना स्थल अधिनियम 1991 विशेष प्रावधान की धारा 5 में दी गई व्यवस्था के तहत न्यायालय के माध्यम से भी इस लड़ाई को पुरजोर तरीके से लड़ेगी। उन्होंने बताया कि नारायणी सेना का गैर राजनीतिक संगठन है जिसका प्रमुख उद्देश्य कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए आंदोलन चलाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं नारायणी सेना ने सेवा संकल्प कार्य का भी संकल्प लिया हुआ है ।
Published on:
12 Aug 2020 10:43 pm
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