
मानसिक रोगी दया की भीख मांग रहा था, पर वह पीटता जा रहा था, आरक्षी निलंबित
इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बलरई थाना क्षेत्र के बीबामऊ गांव मे कथिततौर पर एक मानसिक रोगी की बर्बरता पूर्वक बेहिसाब पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी आकाश तोमर ने पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसएसपी आकाश तोमर ने आज यहां बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे के आसपास गांव के ही सुनील नामक युवक को बर्बरता पूर्वक पुलिसकर्मियों पर पीटने का आरोप लगाया गया। यह वीडियो शनिवार की शाम गांव वालों की ओर से मुहैया कराया गया। उसके बाद देर रात जसवंतनगर के पुलिस उपाधीक्षक के माध्यम से गहनता से जांच कराई गई। जिसमेे पुलिसकर्मी सुभाष चौधरी को दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि वीडियो में पिट रहे शख्स का नाम सुनील यादव है। वह नशेड़ी प्रवृत्ति का है और कई बार ग्रामीणों पर हमला कर चुका है। गांव के रहने वाले एक शख्स की सुनील के खिलाफ मिली मारपीट की शिकायत पर ही पुलिसकर्मी वहां गए थे। जैसे ही वह वहां पहुंचे, सुनील ने चाकू निकाल लिया। आरोपी को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। उनका कहना है कि कांस्टेबल ने युवक की काफी ज्यादा पिटाई की थी। वायरल वीडियो मे पीड़ित युवक उन पुलिसवालों से दया की भीख मांग रहा है। करीब दो मिनट 35 सेंकेड का यह वीडियो पास ही छत पर मौजूद शख्स ने बनाया है।
चेहरे पर लात मारते दिखा :- वीडियो में साफ दिख रहा है कि कांस्टेबल किस तरह से मानसिक विक्षिप्त युवक को बेरहमी से पीट रहे हैं। युवक जमीन पर लेटा है और रहम की गुहार लगा रहा है। एक कांस्टेबल अपने पैरों से भी युवक के चेहरे पर लात मारते दिख रहा है। आसपास कुछ लोग भी दिखाई दे रहे हैं लेकिन युवक की मदद को कोई आगे नहीं आ रहा है। वीडियो के आखिरी में एक दूसरा पुलिसकर्मी युवक को पीटते हुए दिख रहा है।
पुलिस की कारगुजारियों की कलई खोली :- घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। समाजवादी पार्टी ने अपन अधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस वीडियो को शेयर करके पुलिस की कारगुजारियों की कलई खोली है। समाजवादी ने स्पष्ट किया है कि इटावा के बीबामऊ गांव में फिर सामने आया यूपी पुलिस का बर्बर चेहरा। निरंकुश सिपाही ने निर्दोष मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को बेरहमी से पीटा। वीडियो वायरल होने के बाद मात्र दोषी सिपाही पर निलंबन की कार्रवाई अपर्याप्त है जांच के बाद अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया जाये। इटावा पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से ही समाजवादी पार्टी को जवाब देते हुए ट्वीट किया है कि उपरोक्त प्रकरण मे सीओ जसवंतनगर की जांच के बाद एसएसपी ने आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर अग्रिम कार्यवाही प्रचालित है।
पिटाई हैरत भरी :- इटावा के वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश चंद्र दुबे बताते है कि उनके गांव मे जिस ढंग से पुलिसजनों ने मानसिक रोगी की पिटाई की है वो वाकई में हैरत भरा है कहीं भी पुलिसजनों का यह कार्य पुलिस एक्ट के अनुक्रम में नहीं है। उन्होने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद बेशक एक पुलिसजन को निलंबित कर दिया गया है यह कार्यवाही दिखावा मात्र है जब कि जरूरत इस बात की है कि इस मामले मे सीआरपीसी की धाराों के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। पुलिस की बर्बरता से जुड़ा हुआ यह वीडियो जिस इलाके का है वो प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव का है। उन्होंने भी पुलिस के कार्यव्यवहार को लेकर सवाल खड़े किये हैं।
Published on:
03 May 2020 04:05 pm
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