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फर्जी तरीके से चल रहा कॉलेज, हजारों बच्चों के भविष्य से किया जा रहा खिलवाड़

वहीं कॉलेज के प्रबंधक और उसकी पत्नी पर आरोप लगाते हुए कहा कि रजत त्रिपाठी चोर है नारे लगाए

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इटावा

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Ruchi Sharma

Aug 11, 2017

fake degree

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इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिला में माही कॉलेज विद्यार्थियों ने धरना देकर नारेबाजी की । वहीं कॉलेज के प्रबंधक और उसकी पत्नी पर आरोप लगाते हुए कहा कि रजत त्रिपाठी चोर है नारे लगाए । इन छात्रों का कहना है कि माही कॉलेज फर्जी तरीके से चल रहा है । इस कॉलेज को बंद करवाना होगा । इस कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है । माही कॉलेज के लगभग सैकड़ों छात्रों ने आकर मुख्यालय नारेबाजी की ।

छात्रों ने आरोप लगाया कि हमसे मनमाने तरीके से रुपए ऐंठे जा रहे है । जब हम लोगों ने यहां एडमीशन लिया तो बताया गया कि हमारा कॉलेज संत विवेकानंद विश्व विद्यालय से अटैच है, इंटरनेट पर हम लोगों को दिखाया गया ।

यह है मामला

माही कॉलेज ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी मानिकपुर परमधाम पृथ्वीपुर इटावा में स्थिति है । कॉलेज में मेडिकल संबंधी कोर्स जैसे बीफार्मा, डीफार्मा,एएनएम, जीएनएम आदि कोर्स कराए जाते है । कॉलेज के पास किसी प्रकार की मान्यता नहीं है । ऐसी जानकारी मुझे प्राप्त हुई । अभीतक कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रा का कोई पंजीकरण नहीं हुआ है और न ही कोई प्रमाण पत्र दिया गया । छात्रों से बहुत ज्यादा फीस ली जा रही है और छात्रों को कोई कोर्स नहीं कराया जा रहा है ।

जिसके चलते छात्र अपनी फीस वापिस लेना चाहते है । जब कॉलेज फर्जी तरीके से चल रहा वही पर कॉलेज में नए छात्रों के एडमीशन भी किए जा रहे है । कॉलेज के प्रबंधक रजत त्रपाठी और ममता त्रिपाठी है । यह लोग कॉलेज का सम्बंध स्वामी विवेकानंद यूनीवर्सिटी सागर मध्य प्रदेश से बताते है । जबकि वास्तव में विद्यालय कही से सम्बंध नहीं है ।

हजारों छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

माही कॉलेज मानिकपुर रोड़ पृथ्वीपुर इटावा में बना हुआ है । इस कॉलेज में पढ़ने वाले हजारों छात्रों से खिलवाड़ किया जा रहा है । यह कॉलेज अपने आप को स्वामी विवेकानंद यूनीवर्सिटी सागर मध्य प्रदेश से संम्बंध बताता है । जबकि सूत्रों से पता चला है कि स्वामी विवेकानंद यूनीवर्सिटी ने रजत त्रिपाठी पर मुकद्दमा कर दिया है । उस सिलसिले में रजत त्रिपाठी को जेल भेजा गया ।

वही छात्रा शालू मिश्रा ने बताया कि इस कॉलेज में डीफार्मा में एडमीशन लिया है ।मेरा एक साल की परीक्षा भी हो चुकी है । हमें अभी पता चला है । कि यह कॉलेज फर्जी तरीके से चल रहा है । मुझसे 70 हजार रुपए एक साल के लिए गए है । इस कॉलेज में एएनएम, जीएनएम, बीफार्मा, डीफार्मा आदि कोर्स कराए जाते है ।







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