
मनीष की फाइल फोटो।
भरथना थाना क्षेत्र के बंधा गांव के मनीष 18 फरवरी की सुबह करीब 7 बजे कोचिंग के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसी शाम थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
19 फरवरी की रात करीब 10 बजे इकदिल थाना क्षेत्र के चितभवन रेलवे ट्रैक के पास पॉलीथिन में लिपटा शव मिला। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था। सिर धड़ से अलग, एक पैर कटा हुआ और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान। बाद में शव की पहचान मनीष के रूप में हुई।
परिवार के दबाव पर प्रशासन ने पांच डॉक्टरों की फॉरेंसिक टीम गठित कर दोबारा पोस्टमार्टम कराया। एक्स-रे जांच में शरीर में फंसी गोली बरामद हुई। इसके बाद साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस ने रेलवे ट्रैक के पास लगे CCTV फूटेज खंगाली तो कैमरों में एक कार दिखाई दी। नंबर ट्रेस कर पुलिस ने कार मालिक दीपक निवासी केशोपुर कला, इकदिल को हिरासत में लिया। पूछताछ में दीपक ने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया।
दीपक ने बताया कि मनीष का केशोपुर कला निवासी आकांक्षा यादव नाम की महिला ट्रेनी सिपाही से कई सालों से प्रेम संबंध था। दोनों बचपन से साथ पढ़े थे। आकांक्षा वर्तमान में रामपुर में प्रशिक्षण ले रही है।
आकांक्षा का भाई अभिषेक यादव सीआरपीएफ में तैनात है और इन दिनों जालंधर में पोस्टेड है। वह इस रिश्ते से नाराज था। 17 फरवरी को छुट्टी लेकर गांव आया और बहन को मनीष के साथ देख लिया। इसके बाद उसने दीपक और अपने एक अन्य साथी विपिन यादव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
18 फरवरी की सुबह करीब 7:30 बजे तीनों आरोपी दीपक की कार से मनीष के गांव पहुंचे। कोचिंग जा रहे मनीष को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया। चलती कार में उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद सुनसान जगह ले जाकर देर शाम गोली मार दी।
हत्या के बाद शव को कार की डिग्गी में छिपाकर रखा। इसके बाद शव के टुकड़े कर पॉलीथिन में भर दिया। शुक्रवार देर रात चितभवन रेलवे ट्रैक के पास शव फेंक कर फरार हो गए।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अभिषेक यादव और एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
मनीष परिवार में सबसे छोटा था। उसने बीएससी एग्रीकल्चर और बीएड की पढ़ाई की थी और सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था। हाल ही में उसने जूनियर असिस्टेंट की परीक्षा भी दी थी, जिसका रिजल्ट आना बाकी था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब मनीष का शव घर पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। देर शाम गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
Updated on:
22 Feb 2026 09:57 am
Published on:
22 Feb 2026 09:11 am
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