
इटावा. मोबाईल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटी से छोटी जानकारी भी हमारे मोबाईल में सेव रहती है। सिर्फ यही नहीं बल्कि दूर दराज बैठे दोस्तों और रिश्तेदारों से भी मोबाईल हमे कनेक्ट रखता है। लेकिन मोबाईल की सेवाएं सिर्फ यहीं खत्म नहीं होतीं, बल्कि इससे शहर के नजदीकी शौचालय की भी जानकारी मिल सकती है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के सभी सार्वजनिक शौचालयों की वास्तविक स्थिति निकायों को गूगल मैप पर अपलोड करनी होगी। मोबाइल पर एप्लीकेशन की मदद से कोई भी व्यक्ति एक क्लिक में शौचालय की स्थिति की जानकारी कर सकेगा।
हो रही है अनोखी पहल
स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच की प्रथा पर रोक लगाने के लिए अब अनोखी पहल की जा रही है। शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई गाइड लाइन के निर्देश के अनुसार निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों के सार्वजनिक शौचालयों की वास्तविक स्थिति का सर्वे कर उनकी जानकारी के साथ इमेज को गूगल मैप पर अपलोड कराना होगा। फोकस ज्यादा से ज्यादा इस बात पर भी है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड कर सकें।
सॉफ्टवेयर की मदद से ले सकेंगे जानकारी
स्वच्छ भारत टॉयलेट लोकेटर सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाईल पर जानकारी हासिल की जा सकती है। इससे नजदीकी शौच की वास्तविक स्थिती और दूरी की भी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
इमेज अपलोडग की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही सॉफ्टवेयर पूरी तरह से काम कर सकेगा। गाइड लाइन जारी होने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने अब शहर के सार्वजनिक शौचालयों का सर्वे शुरू कराया है। खराब पड़े शौचालयों की मरम्मत का काम भी प्रारंभ करा दिया गया है।
शासन के निर्देश
- सार्वजनिक शौचालय का निर्माण इस प्रकार का होना चाहिए कि वह दूर से ही दिखाई दे।
- रंगाई-पुताई के अलावा स्वच्छता का विशेष प्रबंध होना चाहिए।
- शौचालय और मूत्रालयों में गंदगी नहीं होनी चाहिए।
- पानी के समुचित प्रबंध होने चाहिए।
- सफाई कर्मियों के अलावा शिकायत रजिस्टर भी होना चाहिए।
- प्रति सप्ताह निगरानी के साथ पूरी आख्या रजिस्टर पर दर्ज कराई जाएगी।
Published on:
13 Jan 2018 04:58 pm
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