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प्रतिबंध के बावजूद मछलियों का हो रहा शिकार, माफियाओं को नहीं है किसी का डर

जिले में प्रतिबंध के बावजूद भी यमुना नदी से मछलियों का शिकार करने में माफिया लगे हुए हैं।

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mafia killed to fishes

प्रतिबंध के बावजूद मछलियों का हो रहा शिकार, माफियाओं को नहीं है किसी का डर

इटावा. जिले में प्रतिबंध के बावजूद भी यमुना नदी से मछलियों का शिकार करने में माफिया लगे हुए हैं। इटावा में यमुना नदी के तट पर विभिन्न प्रजाति की मछलियों का शिकार करते हुए मछली माफियाओं के गुर्गे देखे जा रहे हैं। बरसात के मौसम में मछलियों के शिकार पर पूरे तरीके से प्रतिबंध लगा होता है। जिसका पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है लेकिन इसके बावजूद इटावा में यमुना नदी से मछलियों का शिकार बदस्तूर अभी भी जारी है।

शिकारी मछलियों का शिकार करने में लगे

यमुना नदी में साफ साफ देखा जा रहा है कि नाव के सहारे करीब आठ शिकारी मछलियों को पकड़ने में जुटे हुए नजर आ रहे हैं। यह वाक्या कहीं और का नहीं इटावा मुख्यालय के चंद किलोमीटर की दूरी पर सुनवारा गांव के सामने का है जहां पर नाव पर बैठ कर शिकारी मछलियों का शिकार करने में लगे हुए हैं। कई प्रत्यक्षदर्शी इस बात की तस्दीक करते हैं कि नाव सवार शिकारी अपने साथ लाए हुए जाल को पानी में डाल कर मछलियों को मारने का काम करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मछली माफियाओं के गुर्गे यह काम चोरी छुपे करते हैं जिसके एवज में उनको खासी तादात में रकम मछली माफिया की ओर से मिलती है।

मछलियों का प्रजनन काल शुरू

प्रतिबंध के चलते मछलियों के शिकार पर कोई रोक नहीं दिख रहीं। शिकारी मछलियों का अवैध शिकार कर मौज कर रहे हैं। हालांकि यमुना नदी का मछली का नीलामी ठेका दिया जाता हैं लेकिन इन दिनों मछलियों का प्रजनन काल शुरू होने पर इस पर रोक लगी है, इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से शिकारी मछलियों का अवैध शिकार कर रहे हैं।

अवैध शिकार पर किसी विभाग की नजर नहीं

इटावा के अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुशवाहा बताते हैं कि उनके संज्ञान में यह मामला आया हुआ है जिसके बावत संबंधितों को निर्देशित कर दिया गया है ताकि मछलियों के शिकार को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि मछलियों का शिकार करने को लेकर संबधित पुलिस थानों को भी निर्देशित किया गया है कि अपने अपने स्तर से मछलियों के शिकार के मामलो पर जांचोपरांत कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही इटावा जिले के भोगनीपुर निचली गंग नहर के खारजास्केप झाल से शिकारी बेखौफ होकर मछलियों का खुलेआम शिकार कर रहे हैं। प्रजननकाल में मछली के अवैध शिकार पर किसी विभाग की नजर नहीं हैं। पुलिस, सिंचाई व वन विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत से यह धंधा खूब फल-फूल रहा है। रात का अंधेरा हो या दिन का उजाला मछलियों का अवैध शिकार करने वाले माफिया खुलेआम वन्यजीवों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बलरई क्षेत्र की भोगनीपुर निचली गंग नहर से निकली खारजास्केप नामक झाल नदी, बीहड़ी व जंगली इलाकों से गुजरती हुई यमुना नदी में मिलती हैं। इस झाल से मछली पकड़ना व ठेके की नीलामी पर पूर्ण रूप से कोर्ट ने रोक लगा रखी है। फिर भी नियमों को ताक पर रखकर शिकारी अवैध मछली शिकार करते हैं।

शिकारी खुलेआम कर रहे मछली का शिकार

माह जून व जुलाई के अंत तक मछलियों का प्रजननकाल शुरू हो जाता है। ऐसे में भी मछली के शिकार पर प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन इस स्केप पर बेखौफ शिकारी जमकर शिकार कर रहे हैं। इस अवैध कार्य पर संबंधित किसी भी विभाग की नजर नहीं पड़ती, जिससे शिकारियों के हौंसले बुलंद हैं। इसके अलावा पुलिस, सिंचाई व वन विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत से यह धंधा खूब फल-फूल रहा है। यहीं नहीं नदीं में डाले गए जाल में मछलियां तो आती ही हैं। इसके साथ जाल में कछुए व अन्य वन्य जीव भी फंस जाते हैं। अवैध शिकारी खुलेआम जमकर मछली का शिकार कर रहे हैं। झाल में मछली के शिकार पर पूरी तरह से रोक है लेकिन इसके बावजूद मछलियों का शिकार खुलेआम हो रहा है।