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दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची दिल्ली जा रही मगध एक्सप्रेस, हो सकता था बड़ा रेल हादसा, देखें वीडियो

- डर के कारण Magadh Express में रेलयात्रियों का था बुरा हाल - बड़ी रेल दुर्घटना का शिकार हो सकती थी मगध एक्सप्रेस- इस्लामपुर से नई दिल्ली जा रही रेलगाड़ी, फॉल्ट के कारण दो घंटे तक खड़ी रही ट्रेन

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Magadh Express 12401

दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल बाल बची दिल्ली जा रही मगध एक्सप्रेस, हो सकता था बड़ा रेल हादसा, देखें वीडियो

इटावा. देश के सबसे व्यस्ततम दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर इस्लामपुर से नई दिल्ली जा रही अप मगध एक्सप्रेस रुरा व इटावा के बीच दुर्घटना का शिकार होते हुए बाल-बाल बच गई। इटावा जंक्शन अधीक्षक पूरन मल मीना ने बताया कि ट्रेन में चल रही टेक्निकल टीम के द्वारा अगर सतर्कता नहीं बरती जाती तो गार्ड/एसएलआर कोच पटरी से उतर सकते थे। इटावा स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद एसएलआर कोच को बदला गया, जिसके चलते दो घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। इससे यात्री परेशान रहे। नाराज यात्रियों ने स्टेशन पर रेल मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की।

ट्रेन रवाना होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। गाड़ी संख्या 20801 अप मगध एक्सप्रेस में सबसे पीछे लगे एसएलआर कोच में सेंटर प्वाइंट के सभी नट-बोल्ट खुल गए थे, जिसके चलते ट्रेन का यह कोच वाइब्रेट करने के साथ तेज आवाजें भी कर रहा था। इसी एसएलआर कोच के आधे हिस्से में दिव्यांग कोच भी थे, जिसमें लगभग दो दर्जन से ज्यादा यात्री बैठे थे। यह सभी भयभीत हो गए थे।

किसी तरह रूरा स्टेशन पर लाई गई ट्रेन
बताया गया है कि ट्रेन में इलाहाबाद के पहले से ही खराबी थी, लेकिन इसे सही ढंग से दुरुस्त नहीं किया गया। अगर टेक्निकल स्टाफ के द्वारा सतर्कता नहीं बरती जाती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। सिराथू से किसी तरह ट्रेन को रूरा तक लाया गया। यहां पर ट्रेन रोककर सेंटर प्वाइंट के नट-बोल्ट ठीक किए गए और इसके बाद 50 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को इटावा स्टेशन तक लाया गया। मगध एक्सप्रेस सुबह 11.40 बजे प्लेटफार्म नंबर 5 पर आकर रुकी।

आनन-फानन में पहुंचा स्टाफ
स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना, टीएक्सआर विभाग के टीम के साथ आरपीएफ एसआई टीएस चाहर, कांस्टेबल दया किशोर, अम्बरीष कुमार व अन्य स्टाफ भी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के रुकने के बाद टीएक्सआर टीम ने एसएलआर कोच को ट्रेन से अलग किया। इसके बाद इंजन के पीछे लगे दूसरे एसएलआर कोच को संटिंग करके पीछे लाया गया। दोपहर 1 बजकर 28 मिनट पर यह कोच लग सका। इसके बाद दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। इसके बाद ही रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों को राहत मिली।

हो सकता था बड़ा हादसा
इस संबंध में ट्रेन में सवार टेक्निकल टीम के दीप कुमार व हेल्पर अजय कुमार ने बताया कि जब ट्रेन रफ्तार में थी, उस समय सभी लोग भयभीत थे। ऐसे में एसएलआर कोच पटरी से भी उतर सकता था और बड़ा हादसा भी हो सकता था।