
इटावा. योगी सरकार देश में महिला सुरक्षा को लेकर कितने ही नियम और कानून क्यों न बना ले। लेकिन इसके बाद भी हालत बिगड़ी हुई है। उन्नाव और कठुआ मामले के बाद इटावा से रेप का मामला सामने आया है। इस मामले में सबसे घिनौनी बात ये है कि पुलिस जब कुछ जान कर भी चुप रही। ये बात है 11 दिन पहले की जब शौच के बहाने बाहर निकली लड़की को तीन दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बना दिया। उसके हाथ पैर बांध कर लगातार उसके साथ गैंगरेप किया गया। परिवार वालों ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई करने की बजाय पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। लिहाजा एसएसपी से गुहार लगाने के 11 दिन बाद मामला उठा है।
पुलिस ने नहीं दिया साथ
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि लड़की अपने परिजनों से मिलने आई थी। इस बीच तीन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे बंधक बना कर उसका रेप किया। पीड़िता के परिवार वालों ने जब पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, तो कार्रवाई करने की बजाय उल्टा वे इस मामले पर चुप्पी साधे हुए थे। बाद में जब एसएसपी से गुहार लगायी गयी, तब जाकर मामले में कार्रवाई की गयी है। इसी क्रम में देर रात 376डी, 506डी और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
तमंचे के बल पर हाथ पैर बांध कर किया गया रेप
9 अप्रैल की यह घटना है जब मासूम को भरथना इलाके की एक कॉलोनी में तमंचे के बल पर हाथ पैर बांध कर गैंगरेप किया गया। पीड़िता शाम 7 बजे के करीब शौच के बहाने गयी हुई थी। इसी बात का फायदा उठा कर तीन बदमाशों ने उसका अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। इनकी हरकतों का किसी को पता न लगे, इसके लिए बदमाशों ने पीड़िता को सच्चाई बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
Published on:
20 Apr 2018 02:18 pm
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