इटावा पुलिस ने 20 दिन के बच्चे का अपहरण करने वाली महिला सहित दो को गिरफ्तार किया है। एसएसपी इटावा ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि बच्चों को बेचने के फिराक में थे।
उत्तर प्रदेश के इटावा सैफई मेडिकल कॉलेज से 26 अक्टूबर को 20 दिन के एक बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण करने वालों ने पहले बच्चे के घर वालों से दोस्ती बढ़ाई। उसके बाद घटना को अंजाम दिया। एसएसपी ने घटना का खुलासा करते हुए कहा कि बच्चे की बुआ ने महिला से 2 मिनट देखने के लिए कहा था। जब वह लौट कर आई तो बच्चा गायब था। पुलिस ने बताया कि महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राम प्रताप पुत्र बेचे लाल निवासी औरैया ने सैफई थाने में तहरीर देकर बताया कि उसके 20 दिन के बच्चे का अपहरण कर लिया गया है। अपनी तहरीर में अपहरण करने वालों के विषय में भी जानकारी दी। रामप्रतापन में बताया कि उसकी बहन जो पत्नी के साथ तिमारदारी में आई थी कि दोस्ती एक महिला से हो गई। जो वही भीख मांगती थी। 26 अक्टूबर को उनकी बहन कपड़ा धोने के लिए गई थी तो महिला से बच्चों को 2 मिनट देखने के लिए कहा। लेकिन मौका देखकर महिला बच्चे का अपहरण कर लिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
मुखबिर की सूचना पर मिली सफलता
एसएसपी इटावा ने बताया कि सैफई थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस को लगाया गया। मुखबिर से सूचना मिली कि सैफई मेडिकल कॉलेज से बच्चे का अपहरण करने वाले टिमरूआ एक्सप्रेसवे पुल के नीचे खड़े हैं। जो कहीं जाने के फिराक में हैं। सूचना पाकर सक्रिय भी पुलिस ने मौके से महिला सहित दो गिरफ्तार किया। जिसमें विमला देवी पत्नी हरिओम निवासी बिहारीपुर थाना भरथना इटावा और दयाशंकर पुत्र छोटेलाल निवासी कुदरकोट थाना बिधूना औरैया शामिल है। दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 370 में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
मासूम को बेचने का प्रयास
एसएसपी इटावा संजय कुमार ने बताया कि अपहरण करने के बाद दोनों बच्चे को बेचने के लिए कन्नौज भी गए थे। लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण सफल नहीं हुए। अपहरण का उद्देश्य बच्चों को बेचना ही था। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी तारीख खान, सैफई थाना प्रभारी मोहम्मद कामिल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।