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सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में जमीन भी गई और नौकरी भी पक्की नहीं हो पायी

मुलायम सिंह यादव के आवाहन पर सैफई के आसपास के गांव वालों ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय बनवाने के लिये अपनी जमीनें दे दी थी.

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Safai University

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इटावा. मुलायम सिंह यादव के आवाहन पर सैफई के आसपास के गांव वालों ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय बनवाने के लिये अपनी जमीनें दे दी थी और उस दौर में इस भरोसे पर संविदा पर नौकरी पर रखे गये कि उन्हें पीजीआई में पक्की नौकरी मिल जाएगी। यह सपना अब लगता है कि इन गरीबों का चूर होता जा रहा है। न तो वे परमानेंट हुये हैं और न ही अब उन्हें समय पर वेतन मिल पा रहा है। ऐसे में वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इसका विरोध करने के लिये उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारियों ने बुधवार को कुलपति ऑफिस के बाहर धरने दिया व मांग की कि सभी संविदा कर्मचारियों को पूर्व सैनिक कल्याण निगम से हटाकर हॉस्पिटल संविदा पर किया जाए।

बताते चलें कि संविदा कर्मचारी कुलपति डॉक्टर राजकुमार से अपने वेतन की मांग को लेकर मुलाकात करने पहुंचे थे। उन्होंने कुलपति से कहा था पूर्व सैनिक कल्याण निगम वेतन समय से नहीं देता है और कर्मचारियों का शोषण कर रहा है, जिसको लेकर कुलपति ने सभी कर्मचारियों को मदत का आश्वासन दिया था। भूतपूर्व कल्याण सैनिक निगम एजेंसी पर समय से नहीं कर रही भुगतान को लेकर भी कुलपति ऑफिस में घेराव किया और अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे। उन्होंने कहा इस एजेंसी से हटाकर हम सभी कर्मचारियों को हॉस्पिटल संविदा पर किया जाए।

कुलपति डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि हमने पहले ही सभी संविदा कर्मचारियों की बात सुनकर उनकी मदद के लिए भरोसा दिया था और आज भी कह रहे हैं कि पूर्व सैनिक कल्याण निगम एजेंसी इन कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार कर रही है। हमारे पास एजेंसी की फाइलों में भी जांच में गड़बड़ी पाई गई है। हमारे ऑफिस में भुगतान से संबंधित कोई भी फाइल 2 मिनट से अधिक नहीं रोकी जाती है। हर महीने समय से भुगतान किया जाता है। भुगतान की जिम्मेदारी तो ठेकेदार की बनती है। लापरवाही बरतने पर हम जल्द कार्रवाई करेंगे।

सुबह से चले धरने को लेकर 12 बजे उपजिलाधिकारी सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचे।