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असम के शंघाई डियर बढ़ाएंगे इटावा सफारी पार्क की रौनक, लायन सफारी में जल्द लगने वाले हैं चार चांद

पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखने वाले शंधाई हिरण भी उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क की रौनक को चार चांद लगाएंगे।

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इटावा

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Neeraj Patel

Sep 06, 2019

असम के शंघाई डियर बढ़ाएंगे इटावा सफारी पार्क की रौनक, लायन सफारी में जल्द लगने वाले हैं चार चांद

असम के शंघाई डियर बढ़ाएंगे इटावा सफारी पार्क की रौनक, लायन सफारी में जल्द लगने वाले हैं चार चांद

इटावा. अपने आप में काफी आकर्षक और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखने वाले शंधाई हिरण भी उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क की रौनक को चार चांद लगाएंगे। इटावा सफारी पार्क के निदेशक वी. के. सिंह ने बताया कि इटावा सफारी पार्क में अब शंघाई डियर भी लाए जाएंगे जो सफारी की रौनक बढ़ाएंगे। अभी एंटीलोप व डियर सफारियां बन गई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में हिरन उछल कूद कर रहे हैं। अब शंघाई डियर को भी लाने की तैयारी चल रही है, इसके लिए सहमति भी बन गई है। यह शंघाई डियर असम से लाए जाएंगे। बदले में इटावा सफारी से काले हिरनों को असम भेजा जाएगा।

सफारी में असम से आएंगे 8 शंघाई हिरण

इटावा सफारी पार्क के निदेशक वी. के. सिंह का कहना है कि शंघाई डियर को इटावा सफारी में लाने के लिए काफी दिनों से कवायद चल रही थी। अब इन्हें लाए जाने की बात को फाइनल कर दिया गया है। यह शंघाई डियर असम से लाए जाएंगे। पहले चरण में आठ शंघाई डियर लाने की योजना है, जिनमें तीन नर व पांच मादा हैं। इन्हें गुवाहाटी जू से लाया जाएगा। बदले में इटावा सफारी से काले हिरन गुवाहाटी भेजे जाएंगे। शंघाई डियर अपने आप में काफी आकर्षक हैं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। काले हिरनों को भेजे जाने तथा शंघाई डियर को मंगवाए जाने की कवायद जल्द शुरू कर दी जाएगी। इस बीच सफारी को अक्टूबर के पहले सप्ताह में खोले जाने की कवायद तेज हो गई है।

शंघाई हिरण को सफारी में लाने का खाका तैयार

असम और मणिपुर मे पाये जाने वाले विलुप्त होने की कगार पर आ पहुंचे शंधाई डियर से इटावा सफारी पार्क की रौनक का निखारी जाएगी। डियर की तेजी से विलुप्त हो रही प्रजाति शंघाई हिरण को सफारी में लाने का खाका पूरा कर लिया गया है। यहां रखकर इनका संरक्षण किया जाएगा तथा कुनवा बढ़ाने का प्रयास भी किया जाएगा। शंघाई डियर असम व मणिपुर में पाए जाते हैं, जो अब विलुप्त होते जा रहे हैं। डियर सफारी पहले ही बन चुकी है और 3 वर्ष पहले इसका उद्घाटन भी किया जा चुका है हालांकि अभी तक डियर सफारी को भी पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है। यहां डियर के साथ ही एंटीलोप भी हैं, जिनके लिए सफारी बनाई गई है, इनकी संख्या आधा सैकड़ा से अधिक हो गई है और लगातार वृद्धि होती जा रही है। सफारी में लाकर शंघाई डियर का संवर्धन व संरक्षण किया जा सकता है।

इस सप्ताह में खुल सकता है पार्क

एसटी आयोग के चैयरमैन और इटावा के सांसद डा. रामशंकर कठेरिया की बैठक के बाद वन विभाग व सफारी प्रशासन की गतिविधियां बढ़ी हैं, उधर मुख्यमंत्री को भी आमंत्रण पत्र भेज दिया गया है। एक से सात अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है और ऐसी संभावना है कि इसी सप्ताह में किसी दिन मुख्यमंत्री इटावा आकर सफारी को खोल सकते हैं। सफारी को खोले जाने के सिलसिले में वन विभाग व सफारी प्रशासन की बैठकों का दौर तेज हो गया है। सफारी के डायरेक्टर वी.के.सिंह फिलहाल लखनऊ में ही हैं। सफारी खोलने के साथ ही अगले सप्ताह गुजरात से शेरों को इटावा सफारी में लाए जाने की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। इन्हें लाए जाने के लिए वाहन व पिंजड़ों की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है।

सफारी बना मुख्य सेल्फी प्वाइंट

बता दें कि सफारी को अभी पर्यटकों के लिए खोला नहीं गया है। इसका मुख्य गेट भी नहीं खुला है लेकिन यह गेट इतना आकर्षक है कि इधर से आने-जाने वालों के लिए यह मुख्य सेल्फी प्वाइंट बन गया है। अभी सफारी खुली नहीं है लेकिन रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। वहां पहुंचकर उन्हें पता चलता है कि सफारी अभी पर्यटकों के लिए खुली नहीं है तो फिर वे मुख्य गेट पर सेल्फी लेते हैं। वैसे भी काफी संख्या में लोग रोजाना सफारी के मुख्य गेट पर जाकर सेल्फी लेते हैं।