
अखिलेश यादव के करीबी प्रदीप यादव की बढ़ी मुसीबत, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
इटावा. उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जो उपद्रव हुआ उसका मुख्य आरोपी भर्थना के पूर्व सांसद प्रदीप यादव को बताया गया। इटावा पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व सांसद प्रदीप यादव को जेल भेज दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद करीबी पूर्व सांसद प्रदीप यादव को पुलिस ने औरैया कोर्ट में पेश करने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच 14 दिन की न्यायिक हिरासत में इटावा जेल भेज दिया।
पूर्व सांसद है प्रदीप यादव
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व सांसद प्रदीप यादव की करीबी का अंदाजा और कैसे लगाया जा सकता है। जब पूर्व मुख्यमंत्री को प्रदीप यादव की गिरफ्तारी की भनक लगी तो वह स्वयं जनपद औरैया के लिए निकल दिए। लेकिन उनकों लखनऊ से निकलने के बाद उन्नाव जिले की सीमा में ही पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया।
अतिरिक्त धाराओं को हटाने की बात हुई थी
पुलिस प्रशासन के अफसर यह नहीं चाहते थे कि अखिलेश यादव की प्रदीप यादव से मुलाकात हो सके। बिल्कुल ऐसा ही हुआ जैसे ही दोपहर एक बजे के आसपास प्रदीप यादव की औरैया कोर्ट में पेशी हुई, वैसे ही अखिलेश यादव को पुलिस अफसरों ने इस भरोसे के साथ छोड़ दिया कि प्रदीप यादव के खिलाफ जिन अतिरिक्त धाराओं का प्रयोग किया गया है उनको हटाया जाएगा।
एसपी पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप
इटावा मुख्यालय स्थित जिला जेल में दाखिले से पहले से सपा सांसद प्रदीप यादव ने औरैया के प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और औरैया एसपी पर एक तरफा कार्रवाई और भाजपा प्रत्याशी से सांठगांठ करने का आरोप लगाया। प्रदीप यादव ने बताया कि औरैया प्रशासन निर्विरोध चुनाव करवाना चाह रहा था, इसीलिए जब विरोध किया गया तो भाजपाइयों से उनकी झड़प होना शुरु हो गयी। उसी बीच औरैया एसपी संजीव त्यागी ने उन्हें अपनी हिरासत में लेकर मारपीट करना शुरू कर दिया और उनके साथ एक तरफा कार्रवाई कर दी।
उसके बाद जब चुनाव आयोग से शिकायत की गयी, तब कहीं जाकर नामांकन करने दिया गया। प्रदीप यादव ने कहा कि वह हिम्मत नहीं हारेंगे। सरकार और पुलिस उन पर चाहे कितने भी मुकदमे करा दे, कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने एसपी पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सभी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने पूरी रात उन्हें पुलिस गाड़ी में घुमाया। सुबह होने पर कानपुर के बिल्लौर थाने लेकर पहुंचे।
दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज काराए गए
उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सफाई देने का भी संजीव त्यागी ने काम किया। उन्होंने मेरे जरिये अखिलेश यादव से बात करके मुझे छोड़ने की भी बात कही, ताकि अखिलेश यादव उन्हें देखने के लिए ना आएं। औरैया के एसपी संजीव त्यागी ने पूर्व सांसद प्रदीप यादव के सभी आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन के दौरान हुए दिबियापुर थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराये गये हैं।
सपा सांसद व पूर्व विधायक समेत कई पर दर्ज हुआ मुकदमा
पहला मुकदमा झांसी जिले के मोंठ इलाके के गरौठा के राकेश राजपूत ने धारा 147, 148, 149, 453, 436, 353, 336, 427, 307, 395 एंव 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट में दर्ज कराया गया है। राकेश राजपूत भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत का भाई है। दूसरा मुकदमा क्राइम ब्रांच के सिपाही शिव सिंह 323, 307, 332, 353 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और पूर्व विधायक प्रदीप यादव समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। यह भी मुकदमा दिबियापुर थाने में ही दर्ज कराया गया है।
पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप
पूर्व सांसद के बेटे पुष्पेंद्र यादव ने एसपी औरैया संजीव त्यागी और स्थानीय भाजपा नेताओं से अपने पिता की जान का खतरा बताते हुए कहा कि कल दोपहर बाद से पुलिस ने उनके पिता से उनकी और परिवार के किसी भी सदस्य की मुलाकात नहीं होने दी है। इसलिए पुलिस के इरादे नेक नहीं लग रहे हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के औरैया में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के नामांकन के दौरान गुरुवार को हंगामा हो गया था।
Published on:
18 Aug 2017 02:55 pm
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