
शिक्षक और प्रबंधक के टॉर्चर से तंग आकर छात्र ने खाया सल्फास, सुसाइड नोट में कही ये बात
इटावा. शिक्षक और प्रबंधक के टॉर्चर से परेशान कक्षा आठ के छात्र मयंक (11) ने आत्महत्या कर ली। उसने सल्फास खाकर अपनी जान दी। आत्महत्या करने से पहले छात्र ने सुसाइड नोट जिसमें उसने उसे खुदखुशी करने के लिए उकसाने वाले लोगों का नाम लिखा। छात्र ने बताया कि उसके अध्यापक और प्रबंधक उसकी पिटाई करते थे, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली।
पढ़ाई में कमजोर होने से होती थी पिटाई
जसवंतनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के मुताबिक, सुसाइड नोट के आधार पर परिजनों ने मृतक छात्र मयंक के गणित के अध्यापक मुकेश शाक्य और प्रंबधक सुरेंद्र धनगर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। मयंक गणित में कमजोर था, जिस वजह से उसके अध्यापक और प्रबंधक उसकी पिटाई करते थे। छात्र ब्राइट एंड पब्लिक स्कूल में पढ़ाई करता था।
इलाज के दौरान मौत
आरोपी अध्यापक मुकेश शाक्य प्राइवेट स्कूल में शिक्षक पद पर तैनात हैं। उनके दो बेटे हैं जिसमें मयंक बड़ा बेटा था और गांव में ही अपने दादा-दादी के पास रहता था। गुरुवार दोपहर स्कूल से वापस आने के बाद मयंक की तबियत बिगड़ी। परिजनों ने उसे जसवंतनगर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर किया। यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया गया लेकिन शुक्रवार की सुबह 9 बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
छात्र के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ जिसमें मृतक ने टीचर व मैनेजर पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया। छात्र के पिता व चाचा ने बताया कि जसवंतनगर थाने में एप्लीकेशन व सोसाइड नोट की फोटो कॉपी को संलग्न करके पुलिस को दी गई पर अभी तक पुलिस ने तो कोई कार्रवाई नहीं की।
Published on:
09 Aug 2019 03:49 pm
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