इटावा. शहर हो या देहात हर गली-मोहल्ले में इन दिनों अनोखे प्रेम विवाह की चर्चा है। आज पूर्णमासी की रात पिछले एक पखवाड़े से गूंज रही सुमधुर आवाज-अड़ता रहा टेसू, नाचती रही झेंझी, ‘टेसू गया टेसन से पानी पिया बेसन से…’, ‘नाच मेरी झिंझरिया… अब साल भर के लिए थम जाएगी। अनोखे प्रेम विवाह के लिए वर और कन्या पक्ष ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आधी रात को जब चांद पूरे सबाब पर होगा तब टेसू और झेंझी का विवाह होगा। और इसी के बाद शुरू हो जाएगी शादी-ब्याह की इस साल की रस्म। टेसू और झेंझी के विवाह के तार इटावा से बहुत गहरे जुड़े हैं।