
घर से भागा 15 साल का बच्चा, मां के बारे में बताई ये करतूत, हैरान हो कर पुलिस ने किया या काम
इटावा. गरीबी की मार झेल रहे एक दलित बच्चे की चाहत को पूरा करने की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर ने ली है । उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के बकेवर इलाके का यह मामला है। जहां एक बच्चा थाने में पढ़ाई करने की फरियाद लेकर पहुंचा । पुलिस ने बच्चे से उसके बारे में पूछा और फिर इंस्पेक्टर आलोक राय ने ये फैसला किया कि वो बच्चे कि इच्छा को पूरा करेंगे और उनका दाखिला निजी स्कूल में कराएंगे ।
बकेवर इंस्पेक्टर आलोक रॉय ने आज यहं बताया कि बच्चे के पिता की मौत करीब दो साल पहले हो गई थी । गरीबी की वजह से वो मजदूरी करने को मजबूर था। बच्चा थाने में स्कूल जाने की फरियाद लेकर पहुंच गया । पुलिस से शिकायत करते हुए बच्चे ने कहा कि वो स्कूल जाना चाहता है, लेकिन मां उसे जबरदस्ती काम पर भेजती है और न जाने पर पिटाई भी करती है ।
रोज दूसरे बच्चों को स्कूल जाते देखकर बच्चे ने अपनी मां को स्कूल भेजने के लिए कहता, लेकिन वो उनकी नहीं सुनती थी । इस बात से आहत होकर बच्चा सीधे थाने पहुंच गया और अपनी मां के खिलाफ शिकायत की । बच्चे की पीड़ा सुनकर, थाना बकेवर पुलिस के इस्पेक्टर ने परिवार के लोगों से बात की। वहीं, बच्चे के परिजनों की परेशानी को देखते हुए पुलिस के थानाध्यक्ष ने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे की पढ़ाई की पूरा खर्चा उठाने का जिम्मा उठाया।
वहीं, बच्चे के परिजनों ने बताया कि पति की मौत के बाद से घर में खाने के भी लाले पड़े हुए हैं। गरीबी की वजह से मां भी मजदूरी करती है। बच्चों के काम करने के बाद ही खाने का इंतजाम हो पाता है । इसलिए बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं भेजा जाता। बच्चे की पढ़ाई में लग्न को देखते हुए बकेवर पुलिस के थानाध्यक्ष आलोक राय ने बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाया।
बकेवर इस्पेक्टर आलोक रॉय गौरव नाम के इस मासूम को लेकर अपने थाना क्षेत्र के लखना स्थिति सीबीएससी बोर्ड से संबद्व ग्रीन वैली स्कूल के प्रबंधक अशोक सिंह राठौर से बात की और उसमें दाखिला करवाने के लिए।
स्कूल में दाखिले के लिए विद्यालय प्रबंधक अशोक राठौर ने जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि वह अपने यहां दोनों बच्चों की पूरी देखभाल करेंगे । गौरव (15) के पिता का देहांत दो साल पहले हो चुका था और घर में खर्चा चलाने के लिए उससे मजदूरी करवाई जाती थी । गरीबी की वजह से मां भी मजदूरी करती है तो बच्चों के काम करने के बाद ही दो वक्त की रोटी का इंतजाम हो पाता है । इसलिए वह पढ़ाने के लिए नहीं भेजती थी । गौरव ने बताया कि जब वह मजदूरी पर जाता था तो दूसरे बच्चों को स्कूल जाते देखने पर उसका भी मन होता था लेकिन जब घर वालों ने नहीं सुना तो मजबूरी में पुलिस में शिकायत करने छोटे भाई के संग चला गया था ।
इटावा के एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने आज यहां बताया कि उनके समक्ष दो गरीब सगे मासूम सगे भाई इस शिकायत के साथ पेश हुए कि उनकी मां उनसे मजदूरी करवाती लेकिन वो पढ़ना चाहते है दोनों की उम्र 13 और 9 साल थी । उनकी यह मार्मिक अपील थी उनके चेहरे मे मुस्कान लाना हमारा हमारा परमकर्तव्य है । इसी मददेनजर दोनो बच्चो की पढ़ाई के बाबत थाना बकेवर के इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया कि दोनों बच्चों का प्रवेश स्थानीय किसी बेहतरीन स्कूल में कराया जाये इसी क्रम में दोनों बच्चों का प्रवेश सीवीएससी बोर्ड से जुड़े स्कूल में करा दिया गया है । दोनों बच्चो की मां को भी समझाने के लिए कहा गया कि वो अपने बच्चो की पढ़ाई की चिंता ना करे उनका ख्याल पुलिस अपने स्तर पर कर रही है ।
Updated on:
06 Jul 2018 02:10 pm
Published on:
06 Jul 2018 01:58 pm
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