
Symbolic Photo of Murder Plan by HUsband in Etawah to WIfe
इटावा के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सत्यपाल सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, सावन के पहले दिन व्रत रखे अपनी पत्नी सोनी की हत्या के मामले में पति अजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पति ने अपनी पत्नी सोनी की हत्या जमीन का हक मांगने के कारण कर दी थी। महिला का पति से हक मांगने को लेकर विवाद काफी दिनों से चल रहा था। महिला 12 दिन पहले ही अपने मायके से ससुराल से वापस आई थी जिसके बाद से ससुराल वाले नाराज थे। सोनी देवी की हत्या उसके पति अजीत सिंह के वीरपुर थाना बकेवर के घर मे 18 जुलाई को सुबह आठ बजे के आसपास हुई थी।
घटना को लेकर मृतका के भाई मोहन सिंह पुत्र जगदीश सिंह निवासी रुपपुरा थाना अयाना औरैया ने बताया गया कि पारिवारिक विवाद के चलते 18 जुलाई की सुबह उसकी बहन मृतका के पति,देवर,ससुर ने कुल्हाडी व चाकू से सिर व चेहरे पर वार कर हत्या कर दी गयी है। मुखबिर की सूचना के आधार पर मात्र 19 घण्टें में महिला की हत्या करने वाले पति को ग्राम वीरपुर के पास रामलीला मैदान से अथक प्रयास करते हुए गिरफ्तार कर महिला की हत्या की घटना का सफल अनावरण किया गया. पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अपनी पत्नी के हत्यारे पति ने बताया कि 18 जुलाई को उसके तथा उसकी पत्नी मृतका सोनी देवी के मध्य किसी बात को लेकर कहासूनी हो गयी थी जिसमें उसने गुस्से में आकर उसके सिर व चेहरे पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। वीरपुर गांव मे अजीत पाल पत्नी सोनी और बेटे नैतिक उर्फ बॉबी के साथ पड़ोस में दूसरे मकान में रहता है।
अजीत का बड़ा बेटा ऋतिक उर्फ सनी औरैया के रूपपुरा में ननिहाल में रहता है। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे नैतिक गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ने चला गया था। करीब नौ बजे वह घर लौटा तो मुख्य दरवाजा खुला था। अजीत घर पर नहीं थे। नैतिक ने मां को आवाज लगाई, उत्तर न मिलने पर कमरे में पहुंच गया। बिस्तर पर पड़ी मां के ऊपर से चादर हटाई तो वह खून से लतपत थीं। ये देखकर बच्चा रोने लगा। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण पहुंच गए। ग्रामीणों ने खेत पर मौजूद सोनी के जेठ-जेठानी, सास-ससुर पहुंच गए। कुछ देर में सोनी का भाई मोहन भी पहुंच गया। उसने पति अजीत, जेठ पिंकू और ससुर राजाबाबू पर सोनी की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
भाई ने बताया कि सोेनी ससुर से पति के हिस्से की जमीन मांग रही थी। इसी कारण उसकी हत्या कर दी गई। ससुराल वालों से अनबन होने पर आठ साल पहले सोनी और उसके दोनों बच्चों को भाई मायके लेकर चला गया था। दस दिन पहले ही छोटे बेटे को लेकर ससुराल लौटी थी।
सोनी देवी के भाई मोहन पाल ने बताया कि अपने पिता की खेती के काम में जीजा भी हाथ बांटते थे लेकिन उन्हें खर्चे के लिए ससुर और जेठ कुछ नहीं देते थे। इससे घर चलाना मुश्किल हो जाता था। बहन ने कई बार ससुर से अपना हिस्सा देने की मांग की थी लेकिन उसकी नहीं सुनी गई।
करीब आठ साल पहले बहन और उसके दोनों बच्चों को मायके ले गए थे। वहां बच्चों को पढ़ा रहे थे। करीब छह महीने से एक-दो दिन के लिए सोनी वीरपुर आने लगी थी।
बेटे नैतिक ने बताया कि उसका सोमवार को उपवास था। स्कूल जाने से पहले उसने मां से फलहार मांगा था। मां ने कहा कि स्कूल चले जाओ, प्रार्थना के बाद फलहार करने आ जाना। इस पर नैतिक प्रार्थना होने के बाद घर लौटा था। नैतिक ने बताया कि पापा-मम्मी में एक-दो दिन पहले जमीन को लेकर झगड़ा हुआ था।
Published on:
19 Jul 2022 05:20 pm

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