
लंदन। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वजह से लाखों लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और 50 लाख के करीब लोग संक्रमित हो चुके हैं। पूरी दुनिया में ऐसे लाखों लोग हैं जिनकी कोरोना टेस्टिंग नहीं हो सका है। ऐसे में यह संख्या बढ़ने की संभावना है।
इस बीच ब्रिटेन से एक बड़ी खबर सामने आई है। ब्रिटिश सांसदों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सांसदों के एक समूह का कहना है कि सरकार कोरोना संक्रमितों की पर्याप्त जांच व्यवस्था करने में असफल रही है। यही कारण है कि देश में भारी संख्या में लोगों की मौत हुई है।
हाउस ऑफ कॉमन्स की विज्ञान और प्रौद्योगिकी समिति का कहना है कि अभी जो जांच करने की क्षमता है वह इस महामारी से लड़ने के लिए अपर्याप्त है। सांसदों के समूह ने प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन को एक पत्र लिखा है। इसमें समिति के अध्यक्ष ग्रेग क्लार्क ने कहा कि ब्रिटेन की परीक्षण क्षमता ने रणनीति को आगे बढ़ाया बजाय रणनीति ड्राइविंग क्षमता के।
अब तक 34 हजार से अधिक की मौत
ग्रेग क्लार्क ने कहा कि ब्रिटिश अधिकारियों ने शुरू में हर किसी के पता करने व जांच करने की मांग की, लेकिन मार्च के बाद इस रणनीति को छोड़ दिया गया। क्योंकि उस वक्त देश में जितने जांच हुए उसके परिणाम से सरकार अभिभूत हो गई।
आगे यह भी कहा गया कि नर्सिंग होम के निवासियों और कर्मचारियों का परीक्षण उस समय नहीं किया गया जब वायरस का प्रसार अपने सबसे बड़े पैमाने पर था। यही कारण है कि COVID-19 के कारण हजारों नर्सिंग होम निवासियों की मृत्यु हो गई है।
ब्रिटेन में अभी कोरोना जांच करने की क्षमता बढ़कर हर दिन एक लाख तक पहुंच गया है। साथ ही अब सरकार वायरस को नियंत्रित करने व देशव्यापी लॉकडाउन को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में योजनाओं पर काम कर रही है। हालांकि समिति का अभी भी यही कहना है कि पता नहीं सरकार ने स्पष्ट तौर पर परीक्षण में देरी करने के परिणाम से सबक लिया है या नहीं।
आपको बता दें कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 34 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि 2.5 लाख के करीब लोग संक्रमित हैं।
Published on:
19 May 2020 07:31 pm

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