बर्लिन. आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए जर्मनी की राजधानी बर्लिन के मेट्रो स्टेशनों में चेहरा पहचानने वाले निगरानी कैमरों का परीक्षण हो रहा है। ये कैमरे संदिग्ध को देखते ही पहचान लेंगे। जूडक्रोएत्ज स्टेशन पर पहला फेस रिकॉगनिशन कैमरा लगाया जा रहा है। परीक्षण में २५० ने शामिल होने की इच्छा जताई है। प्रतिभागियों ने पुलिस को अपना नाम व अपने चेहरे की दो तस्वीरें दी है। इनकी मदद से डाटाबेस बनेगा। टेस्ट फेज के दौरान तीन खास किस्म के कैमरे होंगे। ये कैमरे मेट्रो स्टेशन के गेट और वहां से प्लेटफॉर्म की तरफ आने वाली सीढ़ी पर नजर रखेंगे। कैमरों में छोटा ट्रांसमीटर है, जो फुटेज को सीधे डाटाबेस वाले कंप्यूटर पर भेजेगा। सुपरफास्ट कंप्यूटर कैमरों से आए वीडियो को तस्वीरों के डाटाबेस से मिलाएगा। तस्वीर वाले शख्स के मिलते ही कंप्यूटर अधिकारियों को जानकारी देगा।