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वियना। आस्ट्रिया के विदेश मंत्री सेबेस्टियन कुर्ज रविवार को संपन्न चुनावों में अपनी पार्टी को मिली जीत के बाद देश की कमान संभालेंगे। सिर्फ 31 साल की उम्र में किसी यूरोपीय देश का नेतृत्व संभालने वाले वे पहले नेता होंगे।
सेबेस्टियन कुर्ज ने महज आठ साल पहले ही अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की थी जब कानून का एक विद्यार्थी रहते हुए उन्हें पार्टी के यूथ विंग का अध्यक्ष बना दिया गया था। उनके कामों से पार्टी नेता बहुत प्रभावित हुए और इसकी वजह से लगातार उन्हें बड़ी जिम्मेदारी निभाने का मौका मिलता रहा। उन्हें 2011 में अप्रवासी लोगों के मामलों को देखने वाले विभाग का सेक्रेटरी बना दिया गया जहां उन्होंने शानदार काम किया और खुद को बड़ी भूमिका निभाने के योग्य साबित किया। उसी का परिणाम रहा कि आज वे देश के सबसे बड़े पद के दावेदार बनकर उभरे हैं।
उनकी द पीपुल्स पार्टी जिसे ओल्ड ब्वायज नेटवर्क कहा जाने लगा था, उसे उन्होंने युवाओं से जोडऩे में सफलता पाई है। यह उनकी सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। द पीपुल्स पार्टी के लिए वे किसी टॉनिक की तरह देखे जा रहे हैं जिसने एक किनारे लगती पार्टी को अचानक देश की मुख्यधारा में ला खड़ा किया है। पीपुल्स पार्टी की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आज तक के इतिहास में वह सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को महज दो बार ही हरा सकी है।
उनके काम करने का तरीका लोगों को करता है आकर्षित
बिल्कुल अलग अंदाज में अपना हर काम करने वाले सेबेस्टियन कुर्ज देश के युवाओं को बहुत आकर्षित करते हैं। ऊंचे पद पर रहते हुए भी वे हर कदम पर पारंपरिक तौर तरीकों से अलग हटकर अपने अंदाज में काम करते हैं। वे बिना टाई पहने भी आफिस पहुंच सकते हैं तो कभी अपने टेबल पर खड़े-खड़े ही अपना सबसे जरूरी काम निबटा सकते हैं। जरूरी कामों को करने के लिए भी उन्हें किसी आधिकारिक कार्यालय की जरूरत नहीं होती और उनसे किसी भी मुद्दे पर कहीं भी बातचीत की जा सकती है। सेबेस्टियन के काम करने का यह अल्हड़ अंदाज लोगों को खूब आकर्षित करता है। उनके पास एक गर्लफ्रेंड भी है, लेकिन उसे उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन तक ही सीमित रखा है।
वैश्विक मामलों में भी साबित की अपनी प्रतिभा
सेबेस्टियन को मिली सफलता निश्चित रूप से उनकी अद्वितीय प्रतिभा का परिणाम है। उन्होंने इरान के परमाणु कार्यक्रम पर छ देशों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता का सफलतापूर्वक संचालन किया था। सेबेेस्टियन की प्रतिभा इस बात से भी समझी जा सकती है कि इस बैठक में यूएस के सेक्रेटरी जान केरी जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। अप्रवासियों के मुद्दे पर भी उन्होंने अत्यंत सक्रियता दिखाते हुए अपने देश के लोगों की शंकाओं को विश्व समुदाय के सामने रखने में भूमिका निभाई थी जब भारी संख्या में मुस्लिम अप्रवासी यूरोप में प्रवेश कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि बिना किसी चेकिंग के और बिना किसी पहचान के ये अप्रवासी देश और समाज के लिए समस्या बन सकते हैं, इसलिए उनके आवागमन पर चेकिंग की एक व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने बार्डर पर एक कड़े नियम को बनाने की वकालत की थी।
सेबेस्टियन कुर्ज को देश का नेतृत्व संभालने के लिए कड़े मोलभाव के दौर से भी गुजरना पड़ सकता है, क्योंकि हाल ही में संपन्न चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। देश का नेतृत्व करने के लिए उन्हें अन्य पार्टियों के मदद की जरूरत पड़ेगी जिसके लिए उन्हें उनकी मांगों पर समझौता भी करना पड़ सकता है। हलांकि अब समझौता बनता दिख रहा है और उनके चांसलर बनने का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है।
आस्ट्रिया में संपन्न चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। यहां के मतदाताओं ने सेबेस्टियन कुर्ज की पीपुल्स पार्टी को सबसे अधिक 31.4 फीसदी मत दिया है। वहीं दक्षिण पंथी मानी जाने वाली फ्रीडम पार्टी को 27.4 फीसदी मत मिले हैं तो इस समय देश का शासन संभाल रही सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ आस्ट्रिया को सिर्फ 26.7 फीसदी वोट हासिल हो सके हैं।
Updated on:
16 Oct 2017 01:25 pm
Published on:
16 Oct 2017 01:24 pm
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