
लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे (Theresa May) ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि वह उत्तराधिकारी चुने जाने तक प्रधानमंत्री पद पर बरकार रहेंगी। मे इस कदम से अपना उत्तराधिकार लाना चाहती हैं, जो ब्रेक्सिट को डिलीवर करने की कोशिश करेगा। बता दें कि मे संसद के जरिए ब्रेक्सिट प्रक्रिया पूरी करने में विफल रहीं हैं, अब उनकी कोशिश है कि इस तरह वो अपने मकसद में सफल हो पाएं।
पूर्व विदेश सचिव बोरिस जॉनसन सहित 11 कंजर्वेटिव सांसद रेस में
मे ने 24 मई को ही अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि यह बेहद अफसोस की बात है कि वह ब्रेक्सिट को डिलीवर करने में असमर्थ रहीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व विदेश सचिव बोरिस जॉनसन सहित 11 कंजर्वेटिव सांसद उनकी जगह लेने की प्रतिस्पर्धा में हैं। लेकिन नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक कुछ के प्रतिस्पर्धा से बाहर होने की संभावना है। बता दें कि 10 जून को मे के उत्तराधिकारी के नामांकान की आखिरी तरीख है।
10 जून को नामांकन की आखिरी तारीख
इस चुनाव के दौरान मे कार्यवाहक पार्टी नेता बनी रहेंगी। 10 जून को नामांकन बंद होने के बाद सांसदों के पहले दौर की वोटिंग 13 जून को होगी। इसके बाद दूसरा मतदान 18 जून को होगा।
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मे की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस
गौरतलब है कि इससे पहले थेरेसा मे ने मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump ) से मुलाकात की। इसके बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने अपने आखिरी संवाददाता सम्मेलन (Press Conference) को संबोधित किया। इसमें उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति के लिए सहयोग और समझौते का संदेश दिया। ट्रंप के साथ डाउनिंग स्ट्रीट पर एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि हमारे सामने जो चुनौतियां हैं उसका सामना करने को लेकर हमारे बीच कभी-कभी मतभेद जरूर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि सहयोग और मजबूत संबंधों के लिए नीतिगत मुद्दों पर यह टकराहट सही है।
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Updated on:
8 Jun 2019, 11:53 AM IST
Published on:
7 Jun 2019, 6:56 PM IST
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