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ब्रिटिश PM थेरेसा का दावा, जासूस को जहर देने के पीछे हो सकता है रूस

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने रूस के पूर्व जासूस को जहर देने के मामले में रूस के जिम्मेदार होने की बहुत अधिक संभावना है।

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Mohit sharma

Mar 13, 2018

British spy

नई दिल्ली। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने रूस के पूर्व जासूस को जहर देने के मामले में रूस के जिम्मेदार होने की बहुत अधिक संभावना है। रूस के पूर्व जासूस पर पिछले सप्ताह दक्षिण इंग्लैंड में उनके घर के पास नर्व एजेंट से हमला किया गया था। थेरेसा ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सर्गेइ स्क्रिपल और उनकी बेटी को सैन्य ग्रेड का जहर दिया गया था, जो रूस द्वारा निर्मित था।

रूस के जिम्मेदार होने की अधिक संभावना

न्यूयॉर्क टाइम्स ने थेरेसा के हवाले से बताया कि सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि सर्गेइ और उनकी बेटी युलिया पर हमले के लिए रूस के जिम्मेदार होने की अधिक संभावना है। हालांकि, सोमवार को रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दमित्रि पेस्कोव ने पूर्व जासूस पर हमले में रूस की भागीदारी से इनकार किया। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माािरया जाखारोवा ने कहा कि थेरेसा मे का बयान ब्रिटेन की संसद में सर्किस के कार्यक्रम की तरह था।

240 से ज्यादा गवाहों की पहचान

पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रीपल और उसकी बेटी को ब्रिटिश शहर सैलिसबरी में विषाक्त पदार्थ दिए जाने के मामले में ब्रिटेन की पुलिस ने 240 से ज्यादा गवाहों की पहचान की है। गृह सचवि अंबर रड ने यह जानकारी दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार की अपातकालीन समिति कोबरा की बैठक के बाद रड ने शनिवार को कहा कि पूर्व जासूस की हत्या की कोशिश करने के जिम्मेदार लोगों की शिनाख्त के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि वे इस मामले में तेजी से और पेशवराना तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। समिति ने सुना कि 250 से ज्यादा आतंकवाद-रोधी पुलिस ने 240 से ज्यादा गवाहों की पहचान की है और 200 से ज्यादा सबूतों का निरीक्षण कर रहे हैं। रड ने कहा कि स्क्रीपल (66) और उनकी बेटी यूलिया (33), जिनका ैसलिसबरी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, दोनों की हलात गंभीर लेकिन स्थिर है। दोनों पर चार मार्च को हमला हुआ था। एक मीडिया चैनल ने रड के हवाले से बताया कि सीसीटीवी को भी खंगालना है। यह एक विस्तृत जांच है और पुलिस को समय दिए जाने की जरूरत है। ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एम16 को जानकारी देने के आरोप में स्क्रीपल रूसी सरकार द्वारा दोषी ठहराए गए थे। साल 2010 में जासूसों की अदला-बदली के दौरान उन्होंने ब्रिटेन में शरण ली। रूस ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है।