
UK local elections 2019: PM थेरेसा मे की कंजर्वेटिव पार्टी की करारी हार, 24 वर्षों में सबसे खराब प्रदर्शन
लंदन। ब्रेक्जिट ( Brexit ) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच ब्रिटेन ( Britain ) में सियासत गरम है और इस बीच स्थानीय चुनावों के नतीजों ने सबको हैरान कर दिया है। दरअसल स्थानीय चुनावों ( Local Election ) में प्रधानमंत्री थेरेसा मे ( British PM Theresa May ) की पार्टी कंजर्वेटिव पार्टी ( conservative Party) को करारी हार का मुंह देखना पड़ा है। इतना ही नहीं बीते 24 वर्षों में कंजर्वेटिव पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन है। इन परिणामों का से साफ जाहिर है कि ब्रिटेन में ब्रेक्जिट को लेकर लोगों की राय किस तरफ है। इससे पहले कंजर्वेटिव पार्टी को 1995 में सबसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। बता दें कि इस चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी को 37 काउंसिल और 1334 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है जबकि इससे पहले 1995 में 2000 से अधिक सीटों पर हार हुई थी। इस बार के चुनाव में मतदाताओं ने जेरेमी कॉर्बिन की लेबर पार्टी को भी पसंद नहीं किया बल्कि स्थानीय और छोटे दलों पर ज्यादा भरोसा जताया है।
82 सीटों पर लेबर पार्टी की हार
इस चुनाव में लेबर पार्टी को 82 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स जिन्होंने यूरोपीय संघ से अलग होने को लेकर चुनाव में प्रचार किया है, उन्हें 703 सीटें मिली हैं। ग्रीन पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अधिक से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है, जिन्होंने स्थानीय मुद्दों, मसलन कूड़ा उठाने को लेकर लोगों के बीच प्रचार किया था। ग्रीन पार्टी ने 90 सीटों पर जीत दर्ज की, जिन्होंने हाल ही में लंदन में जलवायु विरोध प्रदर्शन किया था। बता दें कि ब्रिटेन में 248 इंग्लिस काउंसिल, 6 मेयर, नॉर्दन आयरलैंड में 11 काउंसिल के साथ-साथ 8 हजार से अधिक सीटों पर चुनाव हुए थे। चुनावों परिणाम के बाद पीएम थेरेसा मे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से माफी मांगी और कहा कि हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके।
31 अक्टूबर तक बढ़ी है ब्रेक्जिट का समय
बता दें कि ब्रिटेन का यूरोपियन यूनियन ( European Union ) से अलग होने का समय 29 मार्च को था, लेकिन ब्रेक्जिट के समय को बढ़ाकर 31 अक्टूबर तक कर दिया गया है, क्योंकि प्रधानमंत्री थेरेसा मे यूरोपियन यूनियन से अलग होने वाले समझौते को मंजूरी देने के लिए कानून यानी विदड्रॉल एग्रीमेंट (ईयू से अलग होने के समझौते) को बनाने में सफल नहीं हो सकी है। हालांकि अब एक बार फिर से ब्रेक्जिट के लेकर पीएम थेरेसा मे ने लेबर पार्टी से समर्थन मांगा है।
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Updated on:
06 May 2019 08:49 am
Published on:
05 May 2019 06:53 pm
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