
ब्रिटेन का EU से निकलना लगभग तय, समझौते पर पीएम टेरीजा मे के प्रस्ताव को सांसदों ने किया खारिज
लंदन। यूरोपीय संघ से बाहर निकलने या साथ रहने (ब्रेक्जिट) के मामले में ब्रिटेन की संसद में हो रही वोटिंग के बाद मुद्दा और भी उलझ गया है। दरअसल शुक्रवार को ब्रिटेन के सांसदों ने यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते से बाहर निकलने के प्रस्ताव पर वोटिंग की जिसमें 286 के मुकाबले 344 वोटों से प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। 58 मतों के अंतर से खारिज होने के बाद ब्रेक्जिट का मामला फिर से उलझ गया। यह तीसरी बार है जब थेरेसा मे के प्रस्ताव के खिलाफ सांसदों ने वोट दिया है और इसकी वजह से यूरोपीय संघ से अलग होने की प्रक्रिया, ब्रेक्सिट को लेकर असमंजस की स्थिति और बढ़ गई है।
लेबर पार्टी के नेता ने पीएम थेरेसा मे से मांगा इस्तीफा
ब्रेक्जिट के प्रस्ताव पर मतदान के बाद प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा कि यह बेहद खेद का विषय है कि सदन यूरोपीय संघ से व्यवस्थित तरीके से अलग होने का एक बार फिर समर्थन नहीं कर सका। इस वोटिंग के बेहद ही खतरनाक परिणाम होंगे, क्योंकि हमारी ये कानूनी बाध्यता होगी कि 12 अप्रैल को यूरोपीए संघ से ब्रिटेन को अलग होना ही होगा। उन्होंने कहा कि यह बात साफ है कि बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से अलग होने से बचने के लिए हमारे पास कानून बनाने के लिए समय नहीं है। यह तीसरी बार है, जब ब्रेक्सिट पर करार के मसौदे को सांसदों ने खारिज किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए ब्रिटेन और समय की मांग कर सकता है। इस संबंध मं सांसद अन्य विकल्पों पर सोमवार को विचार करेंगे। दूसरी ओर ब्रेक्जिट के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने पीएम थेरेसा मे का इस्तीफा मांगा है। जेरेमी ने कहा कि अब समय आ गया है कि थेरेसा मे को इस्तीफा देना चाहिए और तत्काल चुनाव कराए जाने की घोषणा करनी चाहिए।
10 अप्रैल को यूरोपीय काउंसिल की बैठक
ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्जिट प्रस्ताव खारिज होने के बाद यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनल्ड टस्क ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि ब्रिटेन के नीचले सदन यानी हाउस ऑफ कॉमन्स में बिना किसी समझौते के बाहर निकलने के प्रस्ताव के खारिज होने के साथ यह साफ हो गया कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग होने की ब्रेक्जिट प्रक्रिया को लंबा नहीं खींच सकेगा। लिहाजा उसे समझौते के साथ ही 22 मई को यूरोपीय संघ से अलग होना ही होगा। इस संबंध में मैंने 10 अप्रैल को यूरोपीय काउंसिल की बैठक बुलाने का फैसला किया है। बता दें कि प्रधानमंत्री थेरेसा मे के पास अब केवल 12 अप्रैल तक का वक्त बचा है जिसमें वो बातचीत कर बिना किसी समझौते के ब्रेक्जिट प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती हैं।
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Updated on:
31 Mar 2019, 8:55 AM IST
Published on:
30 Mar 2019, 1:28 AM IST
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