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AIIMS MBBS Registration 2018 : एम्स एंट्रेंस रजिस्ट्रेशन में गलती पड़ेगी भारी

AIIMS MBBS Registration 2018 : एम्स की परीक्षा देने से पहले पंजीयन के दौरान सतर्क रहना होगा, क्योंकि एम्स ने इस बार कई नियमों में बदलाव किया है।

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Deovrat Singh

Feb 07, 2018

AIIMS MBBS Registration 2018

AIIMS MBBS Registration 2018

AIIMS MBBS Registration 2018 : एम्स की परीक्षा देने से पहले पंजीयन के दौरान सतर्क रहना होगा, क्योंकि एम्स ने इस बार कई नियमों में बदलाव किया है। थम्ब इंप्रेशन, फोटोग्राफ और हस्ताक्षर में कोई गलती होती है, तो पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। फॉर्म में करेक्शन का मौका नहीं मिलेगा। साथ ही सेन्टर सलेक्शन में गलती भी नहीं सुधारी जा सकेगी। यदि किसी ने पंजीयन के दौरान एक बार भाषा भर दी तो उसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा। इसलिए मेडिकल विद्यार्थी को परीक्षा से पहले पंजीयन में सावधानी रखनी होगी।

NEET PG समाप्त
एमबीबीएस के लिए मेन एक्जाम के साथ-साथ एक्जीट एक्जाम की बाध्यता एम्स के विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगी। एक्जीट एक्जाम एबीबीएस करने के बाद प्रेक्टिस के लिए लाइसेंस लेने और पीजी में प्रवेश के लिए होगा। एक्जीट एक्जाम शुरू होने के बाद पीजी के लिए होने वाली परीक्षा नीट पीजी स्वत: समाप्त हो जाएगा। प्राइवेट कॉलेजों की 40 प्रतिशत सीटों पर अब सरकारी नियंत्रण होगा। यदि विद्यार्थी एक्जीट एक्जाम में अनुत्तीर्ण हो जाता है, तो उसे फिर मौका मिलेगा। पीजी में रैंक सुधारने के लिए इसे दुबारा दिया जा सकेगा।

गुंटूर व नागपुर एम्स को 50-50 सीट
एम्स में इस बार 100 सीटों में बढ़ोतरी की गई है। इन दो नए एम्स में 50-50 सीटें बढ़ाई गई हैं। आंध्रप्रदेश के गुंटूर व महाराष्ट्र के नागपुर में 50-50 सीटें आवंटित की गई हैं। अब देश के नौ एम्स में 707 की जगह 807 सीट हो जाएंगी। रजिस्ट्रेशन सोमवार से होने शुरू हो गए हैं। दिल्ली एम्स में सात सीटों पर विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए परीक्षा नहीं देनी होगी। इनको फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बॉयोलॉजी और अंग्रेजी के अंकों के आधार पर प्रवेश मिलेगा। दिल्ली में 107, ऋषिकेश, पटना, जोधपुर , भुवनेश्वर, रायपुर और भोपाल में 100-100 सीटें रहेंगी।

बेहतर करने का प्रयास
आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर के प्राचार्य ने बताया की हर बार की परेशानी से बचने और हर स्तर पर बेहतरी के लिए विशेषज्ञ कमेटी ने यह बदलाव किए हैं, ताकि परीक्षा से लेकर प्रवेश के स्तर पर कोई समस्या नहीं हो। जो बदलाव है, वह व्यवस्था को ठीक करेंगे।