
SSC CHSL Exam 2018
CHSL Exam 2018 कर्मचारी चयन आयोग की लिपिक भर्ती परीक्षा में हाईप्रोफाइल तरीके से नकल कराने वाले एक अंतरराज्जीय गिरोह का पुलिस ने शनिवार को भंडाफोड़ करते हुए मथुरा और हरियाणा के 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया। मुख्य दो आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने कंप्यूटर सेंटर से कई कंप्यूटर व डिवाइस भी बरामद की हैं। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के मद्देनजर पुलिस नकल के लिहाज से अलर्ट थी।
इधर मथुरा में हल कर रहे थे कोटा केन्द्र का पेपर
सूचना मिली कि रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र की महात्मा गांधी कॉलोनी स्थित कोटा बाल उच्च माध्यमिक स्कूल स्थित कंम्प्यूटर सेंटर पर एसएससी परीक्षा केंद्र पर कुछ लोग हाइप्रोफाइल तरीके से नकल करा रहे हैं। पुलिस टीम गठित की गई और शुक्रवार शाम को स्कूल में संचालित परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर हरियाणा के परवल निवासी धर्मेंद्र शर्मा, मथुरा के रायपुर निवासी रामबाबू गुर्जर, मथुरा निवासी राहुल सिंह और मथुरा निवासी दयाचंद शर्मा को नकल कराते हुए गिरफ्तार कर लिया।
ऑनलाइन परीक्षा की कराते हैं तैयारी
सभी आरोपित कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चलाते हैं और परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी कराते हैं। मामले में सरगना मथुरा के कोसीवाला निवासी गजराज गुर्जर उर्फ मनीष व मथुरा निवासी दीपक गोयल की तलाश की जा रही है।
दीवार में छेद कर कम्प्यूटरों को जोड़ दिया
पुलिस ने बताया कि आयोग यह परीक्षा सिफी के माध्यम से करा रहा है। परीक्षा ४ से २८ मार्च तक है। सिफी से रेलवे कॉलोनी क्षेत्र का केन्द्र दीपक गोयल ने प्रेरणा क्लासेज अलवर के नाम से लिया। आरोपितों ने स्पलीटर नाम से डिवाइस तैयार की। इससे स्कूल में ही संचालित सिलाई केन्द्र के कमरे में रखे कंप्यूटर से परीक्षा वाले कंप्यूटर को दीवार में छेद कर जोड़ दिया। रामबाबू इस कंप्यूटर पर बैठ गया। परीक्षा में नकल के लिए हर परीक्षार्थी से ५ लाख रुपए लेते थे। परीक्षा शुरू होते ही रामबाबू पेपर का स्क्रीन शॉट मथुरा में मनीष के पास भेजा। मनीष ने पेपर हल कर भेज दिया। रामबाबू ने उसे कंप्यूटर पर फीड कर दिया। इससे परीक्षा में बैठे अभ्यर्थी के कंप्यूटर पर पेपर हल हो गया।
CHSL Exam 2018 जगतपुरा की वीआईटी कॉलेज में अपने दोस्त को परीक्षा में पास कराने के लिए उसके दो दोस्तों ने फर्जीवाड़ा किया। फर्जी पहचान के साथ परीक्षा देते समय जब वे पकड़े गए तब असली अभ्यर्थी वहां पहुंच गया।
प्रताप नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार विवेक कुमार व सतीश कुमार बिहार के तथा महेन्द्र सिंह उत्तरप्रदेश के निवासी हैं। तीनों दिल्ली में कोचिंग करते हैं। एसएससी की एलडीसी पद के लिए रविवार को परीक्षा थी। इसमें विवेक को पास कराने के लिए तीनों ने मिलकर साजिश रची। उन्होंने विवेक के पीछे बैठने वाले छात्र मृत्युंजय का प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिया। उसकी फर्जी आईडी बनाई और तीनों परीक्षा केन्द्र पर पहुंच गए। मृत्युंजय की सीट पर महेन्द्र और विवेक के स्थान पर सतीश बैठ गया। परीक्षा शुरू भी हो गई, लेकिन ऐनवक्त पर वहां मृत्युंजय पहुंच गया। पहले तो महेन्द्र ने अपने को सही बताते हुए वहां पहुंचे युवक को गलत करार दे दिया। शिक्षण संस्था ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने पड़ताल की तो मामला खुल गया। तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उनका मानना था कि कई छात्र परीक्षा देने नहीं आते और मृत्युंजय भी नहीं आएगा।
नौकरी के नाम ठगने वाला गिरफ्तार
प्रताप नगर थाना पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप में रींगस निवासी नितेश मिश्रा को गिरफ्तार किया है। उसने युवकों को एयरपोर्ट में नौकरी लगाने का झांसा दिया था। चार युवकों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में और भी पीडि़तों के सामने आने की आशंका है।
वैशाली नगर के एक केंद्र पर और आया मामला एसओजी ने वैशाली नगर थाने में परीक्षार्थी की जगह दूसरे व्यक्ति के परीक्षा देने का मामला दर्ज कराया है। वैशाली नगर के परीक्षा केंद्र श्रीवास फाउंडेशन में भरतपुर निवासी जितेंद्र कुमार परीक्षार्थी महेश कुमार की जगह परीक्षा दे गया।
Published on:
18 Mar 2018 11:40 am
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