
RPSC Teacher Recruitment Exam
RPSC की वरिष्ठ शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा का हिंदी का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने की गुत्थी सुलझाने के बाद पुलिस मामले के आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने रविवार को आरोपी पार्षद नरेशदेव के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। बताया जा रहा है कि आरोपी पेपर वायरल होने के बाद शाम को ही गायब हो गया था। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी केन्द्राधीक्षक लक्ष्मीनारायण सोनी तथा कॉलेज व्यवस्थापक राणुमल से पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम जांच में आगे बढ़ रही है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि पेपर वायरल होने के बाद इसका किसे फायदा मिला? या नहीं मिला? यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि माधव कॉलेज केन्द्र पर परीक्षा के पहले दिन 28अक्टूबर से ही सीसीटीवी कैमरे बंद थे। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि सभी विषयों के पेपर बाहर आए होंगे। इधर, अभ्यर्थियों ने मामले की जांच एसओजी से करवाने की मांग की। उन्होंने परीक्षा आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पर कई तरह के सवाल उठाए हैं।
फ्लाइंग टीम भी घेरे में
जांच में यह भी पता चला कि परीक्षा के पहले दिन से ही कैमरे बंद थे। जबकि फ्लाइंग टीमें परीक्षा के दौरान नियमित रूप से प्रत्येक केंद्र पर जांच के लिए पहुंच रही थी। ऐसे में सवाल यह है कि टीम ने एक बार भी कक्ष में कैमरों से मॉनिटरिंग की जानकारी नहीं जुटाई।
एसओजी करे जांच
पेपर वायरल मामले की जांच एसओजी से करवाने की मांग को लेकर सोमवार को अभ्यर्थियों की बैठक होगी। अभ्यर्थियों ने बताया कि हिंदी प्रश्न-पत्र वायरल होने का कई अभ्यर्थियों ने अनुचित लाभ लिया है। जांच के लिए कलक्टर को ज्ञापन भी देंगे।
Published on:
05 Nov 2018 01:58 pm
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