नाली में बहकर one person died एक व्यक्ति की मौत होने के बाद नगर निगम, भिलाई के आयुक्त ने इंजीनियर्स को बेरिकेट व अस्थाई तौर पर स्लैब लगाने निर्देश दिए हैं। ताकि राहगीरों को नाली पार करने में दिक्कत न हो। निगम ने कुछ स्थानों पर टिन शेड लगाया है। आयुक्त ने नई कव्हर वाली नाली बनवाने के लिए जुलाई 2024 में प्रस्ताव शासन को भेजा है। अनुमति मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। एनएच से राशि मिलती है, तो निगम उससे नाली निर्माण का काम कब्जा हटवाकर शुरू करेगा। ट्रेफिक पुलिस ने स्टॉपर लगाया है। ताकि लोग नाली में सुपेला घड़ी चौक के पास न गिर जाएं।
इस वजह से अटका है मामला
एचएच-53 सुपेला से कुम्हारी तक 6 किलो मीटर के रेंज में चार फ्लाई ओवर का निर्माण हुआ, लेकिन बिजली पोल और वेजा कब्जा की वजह से नाली निमार्ण कार्य एजेंसी ने अधूरा पड़ा है। एनएच के जिम्मेदारों का कहना है कि अधूरी नाली निर्माण की राशि नगर निगम को सौंपी जा रही है। लोकल स्तर पर नगर निगम, भिलाई नाली का निर्माण कराएगा। बिजली पोल, बेजा कब्जा का काम नगर निगम और प्रशासन के सहयोग से किया जाना है। इसके साथ-साथ निगम को रकम दिया जाना है। इस बीच बारिश आ गई। इस वजह से नाली का काम शुरू नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा लोगों को अपनी जान गवाकर चुकाना पड़ा रहा है।
अधूरा है नाली का निर्माण
2019 से फ्लाई ओवर निर्माण कार्य की शुरुआत हुई। कोलकाता की एजेंसी रॉयल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इस काम को हांसिल करने में कामयाब हुई। एजेंसी ने करीब 292 करोड़ की लागत से सुपेला से चंद्रामौर्या, पावर हाउस से आईटीआई, डबरापारा और कुम्हारी तक चार फ्लाई ओवर, सर्विसलेन की सड़क और दोनों तरफ नाली निर्माण का कार्य का जिम्मा लिया। एजेंसी ने चारों फ्लाई ओवर चारों फ्लाई ओवर के नीचे सड़क की डामरीकरण किया। इसे पूरा करने में ही पांच साल का वक्त लग गया। वहीं नाली निर्माण का काम अधूरा छूट गया है।
बिजली विभाग नहीं कर रहा सपोट
एजेंसी के मैनेजर पियूसपरही ने बताया कि तीन स्थानों पर नाली को अधूरा छोड़ा गया। इसमें बिजली पोल और बेजा कब्जा को हटाना था, लेकिन नहीं हटाया गया। बाकि नाली कार्य पूरा कंप्लीट कर दिया गया है। जो नाली अधूरी है, उसकी राशि को नगर निगम को ट्रांसर्फर करना है। इसके बाद शेष कार्य को नगर निगम पूरा करवायाएगा। एनएच प्रबंधन का कहना है कि बिजली विभाग के लोग नेशनल हाइवे की जमीन पर बिना पूछे पोल गाड़ कर लाइन सप्लाई कर देते हैं। वहीं जब नाली निर्माण करने की जरूरत पड़ती है, तो बिजली कंपनी से परमिशन लेना पड़ता है। इतना ही नहीं पोल को हटाने के लिए बिजली कंपनी राशि की मांग करती है।
पुरानी नाली है यह
जयंत वर्मा, सब इंजीनियर एनएच ने बताया कि एनएच कभी भी कव्हर ड्रेनेज बनाता है, जो नाली खुली है वह पुरानी नाली है। बिजली पोल और बेजा कब्जा की वजह से पावर हाउस और सुपेला घड़ी चौक की ड्रेनेज का कार्य नहीं हुआ। इसे कंप्लीट करने के लिए मिनिस्ट्री लेवल पर चर्चा चल रही है। नगर निगम कमिश्नर से इस संबंध में बात हुई है। अधूरी नाली निर्माण नगर निगम करेंगा। जो खर्च होगा। एनएच उन्हें राशि उपलब्ध करा देगा।
भेजा है 2 करोड़ का प्रस्ताव
देवेश कुमार ध्रुव, आयुक्त नगर निगम, भिलाई, ने बताया कि शासन को यहां नई कव्हर वाली नाली बनाने के लिए प्रस्ताव जुलाई 24 को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। एनएच ने अब तक नाली निर्माण करने निगम को कोई राशि नहीं दिया है। https://www.patrika.com/exclusive/watch-video-former-chief-minister-bhupesh-baghel-reached-to-meet-the-injured-journalist-18964898