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11 साल की स्टूडेंट गौरी ने खेल-खेल में बना दिया ये वर्ल्ड रिकॉर्ड, पीएम मोदी ने भी चिट्टी लिखकर दी बधाई, देखें वीडियो

फर्रूखाबाद की गौरी मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें वही काम करना चाहिये, जिसमें मन लगता हो...

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gauri mishra farrukhabad world record

फर्रुखाबाद. कहते हैं कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है फर्रूखाबाद की गौरी मिश्रा ने। शहर के राजीव गांधी नगर निवासी 11 वर्ष की गौरी ने खेलने की उम्र में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं कक्षा 6 की छात्रा गौरी मिश्रा के बारे में।

गौरी मिश्रा की उम्र भले ही 11 वर्ष हो, लेकिन उन्होंने अपने हुनर से ऐसा रिकॉर्ड कायम कर दिया है, जो दूसरों के लिये किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। गौरी मिश्रा ने लगातार एक घण्टे पियानो बजाकर सबसे कम उम्र में लगातार पियानो बजाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस विश्व रिकार्ड के साथ गौरी ने लगभग एक दर्जन से अधिक रिकॉर्ड अपने नाम किये हैं। वर्तमान वह वेस्टर्न, इंडियन क्लासिकल, बॉलीवुड सहित चार प्रकार से पियानो बजाती हैं।

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पहली बार 2012 में गौरी ने जीती थी प्रतियोगिता
गौरी मिश्रा ने बताया कि वह बचपन से ही अपने घर में कैसियो बजाने लगी थीं, लेकिन जब वर्ष 2010 में पिता रानू मिश्रा का ट्रांसफर हुआ तो पूरा परिवार मुंबई चला गया। यहां गौरी ने पढ़ाई के साथ-साथ हर दिन एक घंटे तक पियानो बजाना सीखना शुरू कर दिया। गौरी मिश्रा ने पियानो बजाने की प्रतियोगिता पहली बार वर्ष 2012 में जीती थी।

गौरी का खास मंत्र
छोटी उम्र की गौरी ने लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि लोग देश की लड़कियों को कम न समझें। उन्होंने लड़कियों को सलाह देते हुए कहा कि जिस काम ने उनका मन ज्यादा लग रहा हो, उस काम को ही करना चाहिये, ताकि परिवार के साथ-साथ देश का नाम रोशन हो सके।

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बाबा बोले- बचपन से ही पियानों से खेलती थी गौरी
गौरी ने बताया कि मुझे अपने मम्मी-पापा और दादी-बाबा के साथ ऑडियंस से काफी सपोर्ट मिलता है। अब हर कार्यक्रम में प्रतिभाग करती हूं। गौरी के बाबा आनंद प्रकाश मिश्रा ने कहा कि गौरी को बचपन से ही पियानों से खेलने की आदत थी।

ट्रेमोटिक कॉलेज वेस्टन ऑफ लन्दन से पढ़ाई कर रही है गौरी
गौरी ट्रेमोटिक कॉलेज वेस्टन ऑफ लन्दन व इलाहाबाद से इंडियन क्लासिकल बजाने की पढ़ाई भी कर रही है। 11 वर्ष की गौरी कक्षा 6 की छात्रा है। उनके पिता टाटा ग्रुप में प्राइवेट नौकरी करते हैं।

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