
infection in Khera Gaon
फर्रुखाबाद. जिले में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते संक्रमण होने से गांव खेरा में चार लोगों की मौत हो गई! इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अब स्वास्थ्य विभाग गांव में कैम्प कर अपनी खाना पूर्ति करने में जुटा है। मौत से डरे सहमे ग्रामीण पलायन करने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग वही नीली-पीली गोली ही वितरित कर अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहा है। संक्रमण से मौत होने की सूचना के बाद प्रशासनिक अफसर मौके पर पंहुचे और अधिनस्थों को दिशा-निर्देश देकर चले गए।
गांव छोड़कर जाने लगे लोग
बताया जाता है कि पांच दिन से बीमार चल रहे 65 वर्षीय मनोहर जाटव कानपुर में भर्ती थे। सुबह उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं 60 वर्षीय मालती पत्नी भारत सिंह खेरा में अपने भाई पदम सिंह के घर वर्षो से रही हैं। वह भी कई दिनों से बीमार चल रही थीं। आज उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले 21 वर्षीय अमन पुत्र उदयवीर कटियार की मौत भी संक्रमण से हो गई थी। उसके बाद भी विभाग ठीक से नही चेता तो 23 सितम्बर को इसी गांव के पूर्व सैनिक शिवशंकर की भी मौत हो गयी थी, जिससे अब मौतों की संख्या एक सप्ताह के भीतर चार हो गयी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल रही है। गांव के ही मेवाराम, विमलेश व सुभाष कटियार भय के कारण अपने घरों में ताला डालकर पलायन कर गए।
गांव में कैंप कर रही स्वास्थ्य टीम
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के निकट एक तालाब है, जिसमें एक निजी नर्सिंग होम का बेस्ट कचरा डंप होता है, जिससे यह बीमारी गांव में फैल रही है। जिला प्रशासन से कई बार इस बारे में शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं नहीं हुई। इस तालाब कई कई सालों से सफाई नहीं हुई है। गांव में एक हफ्ते में चार लोागों की मौत की सूचना पर स्थानीय विधायक नागेंद्र सिंह, एसडीएम सदर अजीत सिंह व सीएमओ डॉ. उमा कान्त पाण्डेय समेत कई अधिकारी मौके पर जांच पड़ताल करने पहुंचे। विधायक नागेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में जलभराव है, उसमें दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। निजी नर्सिंग होम का बेस्ट कचरा तालाब में डालने की शिकायत मिली है, इसकी जानकारी की जा रही है। तालाब को साफ कराने के निर्देश बीडीओ को दिए गए हैं। साथ ही साथ मेडिकल टीम लगातार गांव में कैम्प करेगी। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
Published on:
27 Sept 2017 11:07 pm
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