
Nepal migrants
फर्रुखाबाद. देश में लॉक डाउन में बंद हुए कारोबार के बाद मुम्बई से अपने वतन लौट रहे नेपालियों को पुलिस ने रोक लिया। यह सभी डीसीएम में बैठकर नेपाल जाने की कोशिश में थे। शहर कोतवाली पुलिस ने लाल दरवाजे पर महाराष्ट्र की नम्बर प्लेट वाली डीसीएम को रोका तो भयभीत चालक मौके से फरार हो गया। जिसके बाद पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि डीसीएम में कुल 54 महिलाएं व पुरुष सवार थे। यह सभी मुंबई से नेपाल जा रहे थे। इनसे चालक ने प्रति सवारी 3300 रुपये वसूला था।
सूचना मिलने पर शहर कोतवाल वेद प्रकाश पाण्डेय फ़ोर्स के साथ मौके पर आ गये। उन्होंने पड़ताल के बाद डीसीएम कब्जे में लेकर सभी नेपालियों को पानी और भोजन का इंतजाम कराया। साथ ही जिला प्रसाशन ने रोडवेज बस से सभी को उनके देश नेपाल भेजने के लिए इंतजाम करने शुरू कर दिए।
आखिर यह क्या करते थे मजदूर-
नेपाल के रहने वाले सभी मजदूर मुम्बई में होटलों पर खाना बनाने का काम कर रहे थे। कोरोना महामारी के कारण सभी होटल व ढाबे बंद है। जिससे इन मजदूरों के रोजाना कमाना और खाना का जरिया बंद हो गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें कई जगहों पर रोका गया। किसी ने पानी पिलाया तो किसी ने भोजन भी उपलब्ध कराया है। उनका कहना था कि किसी प्रकार वह अपने घर पहुंच जाएं, तो वहीं अब खेती करके अपना परिवार पालेंगे।
Published on:
19 May 2020 05:39 pm
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