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NBW issued against Sadar Kotwali फर्रुखाबाद में अदालत ने शहर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें 7 दिन की कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी का भी आदेश दिया गया है। आदेश के अनुपालन के लिए पुलिस अधीक्षक को लिखा गया है। मामला जानलेवा हमला, धोखाधड़ी, गोवध अधिनियम से संबंधित चल रहे मामलों से जुड़ा है। अदालत ने शहर कोतवाली प्रभारी को चल रहे मामलों में आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश दिया था, लेकिन सदर कोतवाली प्रभारी की तरफ से अदालत के आदेश की अनदेखी की गई। यहां तक कि अदालत में उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया गया था, इस पर भी अमल नहीं किया गया। अब 6 अप्रैल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आ-जमानतीदेश दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के सदर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ अदालत ने बड़ी कार्रवाई की है। अदालत ने सदर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित सदर कोतवाली प्रभारी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए। यह आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया गया है।
दरअसल, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में आया कि कई मामलों में जारी वारंटों को समय पर तामील नहीं कराया गया। इसके साथ ही, सदर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी, गोवध अधिनियम, जानलेवा हमले सहित सात अलग-अलग मामलों में अदालत ने आदेश जारी किया था। जिसका सदर कोतवाली प्रभारी की तरफ से पालन नहीं किया गया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि न्यायिक आदेशों का पालन करने की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की होती है, जिनकी बार-बार अनदेखी करना लोकसेवक के कर्तव्यों के विपरीत है। लोकसेवक की इस प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अदालत ने कोतवाली प्रभारी के खिलाफ वारंट जारी करते हुए एसपी को 24 घंटे में गिरफ्तारी और 6 अप्रैल को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। अदालत ने व्यक्तिगत रूप से 3 अप्रैल को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया था। लेकिन सदर कोतवाली प्रभारी ने अदालत के आदेशों की अवहेलना की और निर्धारित तिथि पर अदालत में पेश नहीं हुए और ना ही कोई जवाब दाखिल किया।
बीएनएस की धारा 388 के तहत यह आदेश दिया गया था। अदालत ने सदर कोतवाली प्रभारी के ना आने पर सख्त रूप अपनाया और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 7 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं पुलिस अधीक्षक को वारंट जारी करते हुए 6 अप्रैल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया। अदालत के आदेश के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
Published on:
05 Apr 2026 05:38 pm
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