22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीजेपी चेयरमैन अपनी सरकार के हुए खिलाफ, खटीक समाज ने खोला मोर्चा

जनपद में खटीक समाज उत्थान समिति चक जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए फर्रुखाबाद से सरकार का विरोध करने का विगुल फूंका है।

2 min read
Google source verification
BJP Chairman against bhajpa sarkar

बीजेपी चेयरमैन अपनी सरकार के हुए खिलाफ, खटीक समाज ने खोला मोर्चा

फर्रुखाबाद. जनपद में खटीक समाज उत्थान समिति चक जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए फर्रुखाबाद से सरकार का विरोध करने का विगुल फूंका है। जिस समय खटीक समाज का धरना चल रहा था, उसी मंच पर भाजपा नेता कायमगंज नगर पालिका चेयरमैन सुनील चक भी उनके साथ बैठे नजर आए थे। उसी मंच से भाजपा सरकार का विरोध हो रहा था।

जब राष्ट्रीय अध्यक्ष भाषण दे रहे थे भाजपा चेयरमैन मंच पर बैठकर उनको सुन रहे थे जब मीडिया का कैमरा उनकी तरफ घूमा बैसे ही वह मंच छोड़कर नीचे उतर कर चले गए। मीडिया ने जब जब सबाल किया तो उन्होंने अपने समाज के कार्यक्रम में बुलाया गया था लेकिन जब हमारी ही सरकार के विरोध में धरना दिया जा रहा है। तो मैं वहां से चला आया। कहीं न कहीं भाजपा नेता जब सरकार का विरोध करते पकड़े गए तो अपनी सफाई देने के लिए तुरन्त मीडिया के पास पहुंच गए।

खटीक जाति के लोगों को पिछड़ी जाति में रखा गया

पूरे प्रदेश में मायावती सरकार ने खटीक समाज के लोगों का सर्वे कराया था। जिसमें खटीक समाज की अन्य उपजातियां जैसे चक, सोनकर, सूर्यवंशी है लेकिन खटीक जाति के लोगों को पिछड़ी जाति में रखा गया है। जब सर्वे हो गया था तो वर्तमान भाजपा सरकार उसके लिए शासनादेश जारी नहीं कर रही है जिससे हमारी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया जा सके लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है। खटीक समाज उत्थान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व डीजीपी एस एन चक ने खटीक जाति के उत्थान के प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन शुरू करने से पहले फर्रुखाबाद से धरना देने के साथ रैली निकाल कर सरकार का विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में खटीक समाज के हजारों लोगों ने अपने समाज के उत्थान के लिए प्रतिभाग किया है।

पिछड़ा वर्ग आयोग ने 2013 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी

अध्यक्ष ने कहा की 1995 में बसपा सरकार ने खटीक जाति की उपजाति चक को पिछड़ी जाति में कर दिया था। जिसका विरोध किया गया था उसके बाद 2003 में उसका पूरे प्रदेश में सर्वे कराया गया था। जिसमें चक जाति खटीक जाति की उप जाति सर्वे में सामने आई थी।उसके बाद पिछड़ा वर्ग आयोग ने 2013 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। फिर चक जाति के लोगों को अनुसूचित जन जाति में शामिल करने के लिए शासनादेश जारी नहीं जा रहा है।

भाजपा सरकार को अभी अंदाजा तक नहीं

हमने भाजपा सरकार को एक महीने का समय दिया है यदि एक महीने शासनादेश जारी नहीं किया तो हर जिले से लेकर लखनऊ मुख्यालय पर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं आने वाले लोकसभा 2019 के चुनाव में हमारा समाज भाजपा सरकार का खुलेआम विरोध करेंगे। जिसका भाजपा सरकार को अभी अंदाजा तक नहीं है।