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जिले में पालीथिन बन्द करने को लेकर व्यापारियों से जिला प्रसाशन की बैठक

रविवार से पॉलीथिन के खिलाफ चेेकिंग अभियान चलेगा, जो पकड़ में आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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फर्रुखाबाद

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Abhishek Gupta

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Updated: 14 Jul 2018, 10:31 PM IST

Polythene

Polythene

फर्रुखाबाद. 15 जुलाई से प्रदेश में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा जाएगा। इसको अमली जामा पहनाने के लिये जिला प्रशासन से लेकर कोतवाली व थानों में बैठक कर व्यापारियों को पॉलीथिन की बिक्री ना करने की सलाह दी है| इसके साथ ही चेतावनी भी दी गयी है की यदि इसके बाद भी बिक्री होना उनके संज्ञान में आया तो कार्यवाही तय है|
एसडीएम सदर अजीत सिंह ने शहर कोतवाली में व्यापारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से प्रदेश में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रविवार से पॉलीथिन के खिलाफ चेेकिंग अभियान चलेगा, जो पकड़ में आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

शुक्रवार को हुई बैठक में एसडीएम ने व्यापारियों से मुख्य बाजार में सड़कों पर होने वाले अस्थायी अतिक्रमण को भी हटाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम व प्रभारी ईओ नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाने और पॉलीथिन पर पाबंदी के बारे में आमजन को जानकारी देने के लिए 13 जुलाई से मुनादी कराने का निर्देश भी दिया है| उन्होंने कहा कि जो सफाई कर्मी ठीक से सफाई कार्य नहीं करेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जायेगी|

उन्होंने कहा की अतिक्रमण हटाने में व्यापारी सहयोग करे| केवल डंडे के बल पर अतिक्रमण नहीं हटाया जा सकता| सीओ सिटी रामशरण सरोज ने कहा कि व्यापारी किसी खाने-पीने वाली चीजों को पॉलीथिन में ना दे| प्रभारी निरीक्षक राजेश पाठक ने भी विचार व्यक्त किये| इस दौरान व्यापारी नेता अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ,संजीब मिश्रा बॉबी, इखलाख खां, राजकुमार वर्मा, कुक्कू चौंहान व पालिका कर्मी आदि रहे| वहीं मोहम्मदाबाद में तहसीलदार सदर व प्रभारी निरीक्षक अनूप निगम व कोतवाली फतेहगढ़ में भी बैठक का आयोजन हुआ।

पालीथिन से क्या है नुकसान-

पालीथिन सभी लोगों के लिए नुकसान देयी है। जैसे घर में बची हुई सब्जी उसमे भरकर कूड़े में फेंक देने से वह आवारा जानवर खाते हैं। वह धीरे धीरे उनके पेट में जमा हो जाती है। उसके बाद उस जानबर की मौत हो जाती है। यहीं जब नालों में जाती है, तो नाला चोक यानी बन्द हो जाता है। खेतों में पहुंचते है खेतों की फसल बर्बाद कर देती है। उसके केमिकल्स से मानव शरीर में कई प्रकार की बीमारियां पैदा हो जाती है। उसी वजह से पॉलीथिन पर रोक लगाई जा रही है। देखना यह होगा कि 15 दिन का जो व्यापारियों ने समय मांगा उसमें वह पालीथिन बन्द करते हैं या नहीं।