
फर्रुखाबाद. मुन्ना बजरंगी की हत्या के आरोपी कुख्यात सुनील राठी को अब फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। सुनील राठी के यहां शिफ्ट होने के बाद जेल में गैंगवार की आशंका जताई जा रही है। जेल में मुन्ना बजरंगी के कई शूटर बंद हैं जो मुन्ना बजरंगी की हत्या का बदला लेने के लिए सुनील राठी को निशाना बना सकते हैं।
वहीं यहां एक लाख का इनामी हप्पू पहले से ही बंद है और अब यहां सुनील राठी भी पहुंच गया है। पहले हप्पू भी बागपत जेल में बंद था, सुनील राठी के कारण ही उसे बागपत से सेंट्रल जेल फतेहगढ़ भेजा गया था, लेकिन अब सुनील राठी को भी इस जेल में बंद किया गया है। वहीं जेलर भी छुट्टी पर चले गए हैं। सूत्रों की मानें तो जेल में कभी भी गैंगवार की वारदात हो सकती है। एशिया के सबसे बड़े क्षेत्रफल की फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में लगभग 2100 कैदी सजा काट रहे।
हप्पू से राठी का छत्तीस का आंकड़ा
पुराने इतिहास को देखते हुए जेल प्रसाशन को अधिक चौकसी बरतनी होगी। अजीत उर्फ हप्पू बागपत के गांव बावली का रहने वाला है। दो महीने पहले ही उसको क्राइम ब्रांच ने पकड़ा था। हप्पू प्रमोद राठी के गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसके ऊपर 27 मुकदमे दर्ज हैं। एक महीने पहले बागपत जेल में दोनो की कई बार झड़प हो चुकी थी उसी वजह से उसको यहां शिफ्ट किया गया था। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुनील राठी को भी इसी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे जेल में गैंगवार होने की संभावना इसलिए बढ़ गई है क्योंकि सूत्रों की माने तो मुन्ना बजरंगी के इस जेल में कई शूटर पहले से ही बन्द चल रहे हैं जो जौनपुर के आसपास के रहने वाले हैं। बजरंगी की हत्या का बदला लेने के लिए सुनील राठी पर हमला कर सकते हैं।
प्रमोद राठी व सुनील राठी में चलता था गैंगवार
गैंगस्टर सुनील राठी बागपत के टीकरी का रहने वाला है, उसके पिता नरेश राठी 11 वर्ष पहले चेयरमैन थे, जिनकी हत्या कर दी गई थी। पिता की हत्या के बाद सुनील राठी अपराधी बन गया। सुनील राठी व प्रमोद राठी में पहले कभी गैंगवार चलता था। अजीत उर्फ हप्पू प्रमोद राठी के लिए काम करता था। उसी वजह से दोनों में तनातनी होती रहती थी। मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय प्रमोद राठी का भाई रवि राठी भी मौजूद था।
...और जेलर चले गए छुट्टी पर
सूत्रों की मानें तो सुभाष ठाकुर का सहयोगी था मुन्ना बजरंगी, हो सकता है कि जेल में बागपत जैसा कांड न हो जाये क्योंकि जेल अधीक्षक सुनील राठी के पहुंचने से पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर चले गए। इसके पीछे भी कोई राज छिपा हुआ हो सकता है।
Updated on:
21 Jul 2018 07:12 pm
Published on:
15 Jul 2018 01:12 pm
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